
सिद्धार्थनगर में जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता डीएम डॉ. राजागणपति आर ने की, जिसमें सीडीओ जयेन्द्र कुमार भी उपस्थित थे। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा और उनकी प्रगति का जायजा लिया गया।
बजट की स्थिति पर जानकारी
डीएम डॉ. राजागणपति आर ने सभी डीसीपीएम और वैम से योजनाओं के बजट की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन बैम का कार्य संतोषजनक नहीं है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर सख्त निर्देश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया को निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि जो बीसीपीएम और बैम कार्य नहीं कर रहे हैं, उनका 15 दिन का वेतन रोका जाएगा। एमओआईसी डुमरियागंज को बैम डुमरियागंज की कार्य प्रगति सही नहीं होने पर नोटिस जारी करने का भी निर्देश दिया गया।
अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई
बैठक में अनुपस्थित रहने वाले बीसीपीएम डुमरियागंज और इटवा के कर्मचारियों पर भी नाराजगी जताई गई। इनकी अनुपस्थिति और काम की प्रगति सही न होने पर स्पष्टीकरण मांगा गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पुरानी नौगढ़ के बैम को भी नोटिस देने का निर्देश दिया गया। आकांक्षी विकास खण्ड खेसरहा के लिए 60 प्रतिशत बजट व्यय के लक्ष्य को पूरा करने का आदेश दिया गया।
आशा दीदी के चयन पर जोर
जनपद में 280 आशा दीदी का चयन 30 अक्टूबर तक पूरा करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि आशा दीदी का कोई भी पद खाली नहीं होना चाहिए और इसमें देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशिक्षण और बजट पर ध्यान
एस बी ट्रेनिंग के तहत आशा और ए.एन.एम. के प्रशिक्षण के लिए 31 जनवरी 2025 तक रोस्टर तैयार करने और प्रशिक्षण को सुचारू रूप से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए। आईईसी मद में आवंटित बजट को शत-प्रतिशत खर्च करने और इसके प्रचार-प्रसार की योजना बनाने का भी आदेश दिया गया।
समस्त अधिकारियों को निर्देश
डीएम ने कहा कि सभी एमओआईसी, बैम, बीसीपीएम और डीपीएम को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर नियंत्रण रखना होगा और उनके कार्यों की निरंतर समीक्षा करनी होगी ताकि योजनाओं की प्रगति में सुधार हो सके।






