A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेताज़ा खबरदेश
Trending

यमुना में कहां से आया इतना झाग… आखिर कैसे होता है तैयार, जानें इससे होने वाले नुकसान

दिल्ली के चारों ओर पानी और हवा कितनी विनाशकारी रूप से प्रदूषित है. सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में भी यमुना नदी में दो स्थानों पर सफेद झाग की चादर बिछी हुई दिखी

671671dced5fc yamuna river 212303597 16x9 1

दिल्ली में यमुना नदी में जहरीले झाग की सफेद चादर इन दिनों सुर्खियों में है. इसे अंतरिक्ष से सैटेलाइट इमेजरी में भी कैद किया गया है. तस्वीरों में दक्षिण पूर्वी दिल्ली के ओखला क्षेत्र में एक दूसरे से लगभग 3 किमी दूरी पर स्थित दो बैराजों के पास यमुना नदी में झाग बहता हुआ दिखाई दे रहा है.

IMG 20241021 220506

सीवेज और इंडस्ट्रियल वेस्ट के कारण यमुना नदी में बना सफेद झाग. यमुना, गंगा की एक सहायक नदी है- हिमालय से निकलकर यह भारत के कई राज्यों से होते हुए कुल 1376 किलोमीटर की दूरी तय करती है.

हर साल सर्दियां शुरू होते ही अक्टूबर-नवंबर का त्योहारी सीजन इस बात की अनचाही याद दिलाता है कि दिल्ली के चारों ओर पानी और हवा कितनी विनाशकारी रूप से प्रदूषित है. यमुना दिल्ली के लिए पानी के मुख्य स्रोतों में से एक है. लेकिन यह नदी इस कद प्रदूषित है कि इसका पानी नहाने या खेतों की सिंचाई के लिए भी उपयोग में नहीं लाया जा सकता.

ओखला बैराज के पास यमुना में झाग बनने के पीछे कई वजहें हैं, जिनमें बैराज के कैचमेंट एरिया में जलकुंभी का होना भी शामिल है, जो सर्फेक्टेंट छोड़ता है. इसके अलावा 18 नालों से आने वाला सीवेज (गंदा पानी और अन्य अपशिष्ट) बिना ट्रीटमेंट के नदी में छोड़ा जाता है. समस्या तब और बढ़ जाती है, जब उत्तर प्रदेश में चीनी और कागज मिलों से निकलने वाले इंडस्ट्रियल वेस्ट को हिंडन नहर में छोड़ा जाता है और यह आकर यमुना में मिलती है. ये प्रदूषक (Pollutants), फॉस्फेट और डिटर्जेंट युक्त अपशिष्टों के साथ बैराज के स्पिलवे से गुजरते हैं,​ जिसके कारण झाग बनता है और यमुना के ऊपर जहरीली सफेद चादर दिखती है.

21 10 2024 21dsb 1 21102024 135
दिल्ली में 184.9 एमजीडी सीवेज सीधे यमुना में गिर रहा, निर्माणाधीन ओखला एसटीपी।

विशेषज्ञों ने दिल्ली में यमुना को मृत घोषित कर दिया है, इसका मतलब यह हुआ कि नदी के पानी में कोई जलीय जीव जन्तु जीवित नहीं रह सकते. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के फिजिसिस्ट (भौतिक विज्ञानी) फणींद्र पति बताते हैं कि ऐसा इंडस्ट्रियल वेस्ट के कारण यमुना में पानी का तापमान बढ़ने के कारण हुआ है, जो माइक्रोब्स (रोगाणु) को मारता है.

बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) पानी में कार्बनिक पदार्थों को तोड़ने के लिए आवश्यक ऑक्सीजन की मात्रा को मापता है. अधिक बीओडी का मतलब है कि अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता. इसका मतलब हुआ की जलीय जीवों के लिए पानी में ऑक्सीजन की मात्रा पर्याप्त नहीं है, जिससे स्ट्रेस और दम घुटने के कारण वे जिंदा नहीं बचते. मानव मल या पशुओं के मल से पानी में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड भी बढ़ता है.

दिल्ली में मृत हो चुकी है यमुना नदी

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इस साल जून तक के आंकड़ों से पता चलता है कि यमुना के लिए निर्धारित बीओडी मानक 3 मिलीग्राम/लीटर या उससे कम है. केवल हरियाणा के पल्ला में 2 मिलीग्राम/लीटर के साथ बीओडी निर्धारित मानक के अनुरूप पाया गया. बीओडी असगरपुर में मानक से 28 गुना अधिक 85 मिलीग्राम/लीटर, ओखला बैराज पर 17 गुना अधिक (50 मिलीग्राम/लीटर) और आईटीओ पुल पर 16 गुना अधिक (47 मिलीग्राम/लीटर) था.

नदी के पानी में मौजूद ऑक्सीजन की मात्रा (घुलनशील ऑक्सीजन/Dissolved Oxygen) का स्वीकार्य मानक 5 मिलीग्राम/लीटर या उससे अधिक है. यह सिर्फ पल्ला और वजीराबाद में मानक के अनुरूप मिला, लेकिन आईएसबीटी ब्रिज, निजामुद्दीन ब्रिज, ओखला बैराज, ओखला बैराज और असगरपुर में आगरा नहर पर यमुना में ऑक्सीजन की मात्रा शून्य थी. घुलनशील ऑक्सीजन का निम्न स्तर नदी में जलीय जीवन के अस्तित्व को प्रभावित करता है.

यमुना का झाग है बहुत हानिकारिक

बीएचयू के फिजिसिस्ट कहते हैं, ‘भारत जैसे देश में जहां नदियों को मां और देवी के रूप में पूजा जाता है, वहां यमुना में जहरीले झाग की चादर को देखकर रोना आता है’. पर्यावरणविद् विमलेंदु झा कहते हैं, ‘मानसून के बाद, स्थिर वातावरण और बढ़ता तापमान यमुना में झाग बनने के लिए आदर्श स्थिति बनाते हैं. अक्टूबर में, जब तापमान गिरता है तो यह झाग को स्थिर करने में मदद करता है. इस झाग में हानिकारक कार्बनिक पदार्थ होते हैं, जिनसे जहरीली गैस निकलती है और सीधे वायुमंडल में घुलती है. इसके अलावा झाग से ऑर्गेनिक पार्टिकुलेट मैटर (कार्बन के कण) भी निकलते हैं, जो हवा में मिलकर उसे हानिकारण बनाते हैं.

[yop_poll id="10"]
Show More

Vishal Leel

Sr Media person & Digital Creator
Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!