
सिद्धार्थनगर। लोहिया कला भवन में मंगलवार को जनपद स्तरीय जैविक खेती, रबी उत्पादकता गोष्ठी, तिलहन मेला एवं फसल अवशेष प्रबंधन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी दी। वहीं, जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में किसानों को बताया और लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने कहा कि सभी विभागों की ओर से किसानों के लिए जो भी योजनाएं चलायी जा रही हैं सभी का लाभ पात्र लाभार्थियों को सीधे पहुंचाया जाए। जिलाधिकारी ने किसानों से उन्न्तशील बीजों का प्रयोग कर वैज्ञानिक विधि से खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे अच्छी पैदावार प्राप्त होगा और आय में वृद्धि होगी।
किसी भी प्रकार की जानकारी कृषि वैज्ञानिकों से प्राप्त कर खेती करें। फसल अवशेष न जलाने का अपील करते हुए पराली को गोशाला में दान करने का अनुरोध किया। बीडीओ के माध्यम से पराली एकत्रित करा लिया जाएगा।
किसानों को बताया कि कालानमक चावल को ओडीओपी में चयनित किया गया है, जिसको बढ़ावा देने के लिए माह दिसंबर में वायर सेलर मीट का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें प्रतिभाग करने के लिए किसान भाई कृषि भवन, नजदीकी बीज गोदाम तथा कृषि विभाग के कर्मचारियों से संपर्क कर अपना पंजीकरण करा लें।
वायर सेलर मीट में विभिन्न जगहों से वैज्ञानिक लोग आ रहें हैं जो कालानमक के खरीद व बिक्री एवं कृषि के बारे जानकारी देंगें। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के सागरों को विकसित करने के लिए सागर माला प्रोजेक्ट जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव प्राप्त कर शासन को प्रेषित किया गया है।
जिससे अधिक से अधिक जलसंचयन कर फसलों की सिंचाई के लिए उपयोग कर सकें और इसको पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।




