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शिवप्रसाद के लिए दुधारू गाय बनी मनरेग

सीधी । भारत सरकार की मनरेगा योजना वैसे तो ग्रामीण मजदूरों को उनके ही गांव में काम दिलाने के लिए कांग्रेस सरकार द्वारा लाई गई थी लेकिन यह रोजगार सहायक शिव प्रसाद यादव के लिए दुधारू गाय बन गई है जिसके दूध से बनी रबड़ी और रसमलाई जनपद से लेकर जिले तक के अधिकारी कर्मचारी छान रहे हैं।
सीधी जिले के कुछ कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत करैल मैं रोजगार सहायक और प्रभारी सचिव शिव प्रसाद यादव के करोड़पति बनने के फार्मूले का नित्य नया खुलासा सामने आ रहा है। इसी कड़ी में जो नई चीज सामने आई है उसमें रोजगार सहायक में मनरेगा योजना से अपने रिश्तेदारों के नाम पर भी शासन को चूना लगाने का कोई कसर बाकी नहीं रखा है। शिव प्रसाद यादव के मामा का निवास सिंगरौली जिले के बैढ़न विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पोडीडोल में है, लेकिन उसके मामा के बेटे और बहू सीधी जिले के करैल ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना मे काम कर रहे हैं। पहले आपने पढ़ा कि रोजगार सहायक सह प्रभारी सचिव शिव प्रसाद यादव द्वारा किस तरह पंचायत में पदस्थ चपरासी रमाशंकर पनिका निवासी चंदरसा को मनरेगा योजना में जोड़कर वर्ष 2018 में 190 दिन, वर्ष 2019 में 77 दिन, वर्ष 2020 में 56 दिन, वर्ष 2021 में 77 दिन, वर्ष 2022 में 140 दिन, वर्ष 2023 में 102 दिन और वर्ष 2024 में 30 सितंबर 2024 तक 146 दिन की मजदूरी का भुगतान किया गया है और इस एक फर्जी जॉब कार्ड के जरिए शासन को लगभग 157000 रुपए का चूना लगाया गया है।
अब जानिए कि भ्रष्ट रोजगार सहायक ने दूसरे जिले में रह रहे अपने रिश्तेदारों को किस तरह मनरेगा योजना से जोड़ लिया। रामानुज यादव पिता हरख लाल यादव निवासी ग्राम पोड़ीडोल जिला सिंगरौली जो कि शिवप्रसाद यादव के मामा का लड़का है शिव प्रसाद ने उसके नाम पर ग्राम पंचायत करैल में जॉब कार्ड संख्या एमपी 15-007-037-003-008/18-बी बनाया और वर्ष 2019 से उसमें फर्जी ढंग से हाजिरी लगाना शुरू कर दिया। वर्ष 2019 में 158 दिन और वर्ष 2020 में 35 दिन तथा 2021 में 7 दिन कुल 200 दिनों तक की फर्जी हाजिरी लगाई और मास्टर रोल का संधारण किया तथा शासन को लगभग ₹40000 की चपत लगाई। काबिलेगौर होगा कि रामानुज यादव जोकि ग्राम पंचायत पोडीडोल जिला सिंगरौली का निवासी है तथा वहां पर अपने पिता हरखलाल की जॉब कार्ड मैं भी काम करता है। रोजगार सहायक शिव प्रसाद यादव ने अपने मामा की बहू सरोज यादव पत्नी मनोज यादव के नाम पर करैल में जॉब कार्ड संख्या एमपी-15-007-037-003/17-सी दिनांक 14 अप्रैल 2018 को बनाए जिसमें पिछड़ा वर्ग से आने के बावजूद सरोज यादव को जाति के कालम में अन्य वर्ग में रखा ताकि किसी को भनक तक न लग सके और फिर फर्जी वाले का सिलसिला शुरू हुआ तो वर्ष 2018 में 70 दिन, वर्ष 2019 में 178 दिन , वर्ष 2020 में 28 दिन तथा वर्ष 2022 में 14 दिन की मजदूरी का भुगतान फर्जी मास्टर रोल के जरिए किया गया।
मनोज यादव पिता छोटेलाल यादव निवासी ग्राम पोडीडोल जिला सिंगरौली जो कि रिश्ते में शिव प्रसाद यादव की बहन का पति है उसके नाम पर करैल में जॉब कार्ड संख्या एमपी 15-007-037-003/13 सी दिनांक 14 अप्रैल 2018 को बनाया और फिर वर्ष 2018 में 105 दिन, वर्ष 2019 में 137 दिन, वर्ष 2020 में 7 दिन, वर्ष 2021 में 21 दिन, वर्ष 2022 में 49 दिन और वर्ष 2023 में 16 दिन की फर्जी हाजरी लगाकर मजदूरी का भुगतान किया। सेनामती यादव पत्नी राम कुशल यादव निवासी ग्राम पोडीडोल जिला सिंगरौली जो कि रिश्ते में शिव प्रसाद यादव के मां की बहू है उसके नाम पर ग्राम पंचायत करैल में जॉब कार्ड संख्या एमपी -15-007-037-003/15 सी दिनांक 14 अप्रैल 2018 को बनाकर इसे भी पिछड़ा वर्ग क्रांतिकारी का होने के बावजूद अन्य क्रांतिकारी में रखा ताकि आसानी से पहचान ना हो सके और फिर वर्ष 2018 में 112 दिन, वर्ष 2019 में 11 दिन और वर्ष 2022 में 14 दिनों की मजदूरी को भुगतान फर्जी ढंग से किया गया। कबीलेगौर होगा कि सभी की पहचान छुपाने के लिए उन्हें अन्य कटेगरी में रखा गया है तथा सभी को निवासी ग्राम केरहा बताया गया है जो की पूरी तरह से फर्जी है। इतना ही नहीं रोजगार सहायक के उक्त रिश्तेदारों में से रामानुज को छोड़कर बाकी लोग जहां निवास करते हैं वहां की ग्राम पंचायत में कभी मजदूरी नहीं करते।
यदि यह कहा जाए की घरे के लड़िका गोही चांटा मामा खाॅ अमावट बाली कहावत चरितार्थ हो रही है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।इसी तरह के फर्जी जॉब कार्ड बनाकर रोजगार सहायक शिव प्रसाद यादव ने अब तक लगभग 22 लख रुपए की धोखाधड़ी शासन के साथ की है। धोखाधड़ी के मामले में ग्रामीणों को भी नहीं बक्शा है जिसको खुलासा आगे भी जारी रहेगा।

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