

**कैलाश गहलोत का बड़ा खुलासा**
BJP में शामिल होने के बाद कैलाश गहलोत ने **AAP** और उसके नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें **ED और CBI** से संबंधित मामलों में **झूठे आरोपों** का सामना करना पड़ा था, और इस दबाव के कारण उन्हें **AAP** छोड़नी पड़ी।
गहलोत ने कहा, “AAP में रहते हुए मुझे लगातार **ED और CBI** का सामना करना पड़ा। मेरे खिलाफ जांच शुरू करने के बाद मैंने महसूस किया कि पार्टी में कई लोगों के द्वारा मुझे समर्थन देने की बजाय मुझे अकेला छोड़ दिया गया। मुझे लगा कि मुझे अब इस दबाव से बाहर निकलने की जरूरत है।”
गहलोत के अनुसार, **AAP** के उच्च नेताओं ने उनके मामलों में हस्तक्षेप करने के बजाय, उन्हें अकेला छोड़ दिया था और उनके साथ राजनीतिक और व्यक्तिगत स्तर पर कोई मदद नहीं की। उनका यह बयान यह संकेत देता है कि वह पार्टी के अंदर की कुछ **अराजकता** और **व्यक्तिगत स्वार्थ** के खिलाफ थे, जो उन्हें मजबूर कर रहे थे।
**BJP जॉइन करते ही खुलासा**
BJP में शामिल होते ही गहलोत ने यह भी खुलासा किया कि पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें न केवल **राजनीतिक स्वतंत्रता** मिली, बल्कि **कानूनी मामलों में भी राहत** मिली। उनका कहना था कि अब जब वे BJP में शामिल हो गए हैं, तो उन्हें पूरी **राजनीतिक सुरक्षा** और **संस्थागत समर्थन** मिल रहा है, जो उनके लिए काफी मायने रखता है।
उन्होंने आगे कहा, “BJP में शामिल होकर मुझे जो समर्थन मिल रहा है, वह पहले कभी किसी ने नहीं दिया। यह पार्टी हमेशा **कार्यकर्ताओं** और **नेताओं के लिए खड़ी रहती है**, और यही मुझे AAP में कभी नहीं मिला।”
**AAP पर आरोप**
गहलोत ने AAP के शीर्ष नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वे **सिर्फ अपनी राजनीति** को प्राथमिकता देते हैं और पार्टी के नेताओं की परेशानियों में कोई वास्तविक समर्थन नहीं दिखाते। उन्होंने AAP के कुछ फैसलों और नीतियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि पार्टी ने **विकास और संगठनात्मक मामलों में** ध्यान नहीं दिया।
**राजनीतिक संदर्भ**
कैलाश गहलोत का इस्तीफा और भाजपा में शामिल होना दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। उनका पार्टी बदलना और फिर BJP का साथ लेना, AAP के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे दिल्ली की राजनीति में **AAP** की मजबूत स्थिति को चोट लग सकती है, खासकर जब **AAP** ने हाल ही में दिल्ली और पंजाब में अपनी चुनावी जीत से बड़ा दावा किया था।
वहीं, भाजपा के लिए यह कदम **AAP के खिलाफ एक बड़ी जीत** हो सकती है, क्योंकि गहलोत जैसे वरिष्ठ नेता का पार्टी छोड़ना भाजपा के लिए एक बडी **राजनीतिक टैक्टिक** हो सकता है। इसके अलावा, भाजपा का दावा है कि गहलोत के जैसे **नेता** उनके साथ शामिल होकर पार्टी को **नई ऊर्जा** दे सकते हैं।
**निष्कर्ष**
कैलाश गहलोत का **AAP** से इस्तीफा और **BJP** में शामिल होना एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम है। हालांकि, गहलोत के आरोपों के बाद यह सवाल खड़ा होता है कि क्या उन्होंने **ED और CBI के दबाव** में आकर पार्टी बदली, या फिर यह कदम राजनीतिक रणनीति का हिस्सा था। अब यह देखना होगा कि गहलोत के खुलासों का आगे क्या असर पड़ता है और दिल्ली की राजनीति में आने वाले समय में कौन सी नई तस्वीर उभरती है।








