
किसान बंधुओं को को खेती की जमीन के माध्यम से पहचान पत्र मिलेगा। जो किसानों के आधार कार्ड से लिंक होगा। रबी सीजन के लिए 1 दिसंबर 2024 से किसानों के लिए ई फसल निरिक्षण योजना शुरू की गई है जो 15 जनवरी तक चलेगी। खेती के पहचान पत्र से यदि भविष्य मे किसान अपनी जमीन बेच देता है तो जमीन का खरीदार पहचान पत्र का हकदार हो जायेगा। जमीन खरीदने वाले को उस पहचान पत्र को नये सिरे से अपने नाम करवाना होगा। किसानों के लिए जो एप्प बनाया गया है उसके द्वारा किसान अपने द्वारा लगाई गई फसल की जानकारी सरकार को दे सकता है फसह खराब हो जाने पर भी वह एप्प का उपयोग करते हुए जानकारी शासन प्रशासन तक पहुंचा सकता है। इसमे महत्वपूर्ण यह है कि फसलों का निरिक्षण पटवारी को नही बल्कि इसके लिए सहायक की नियुक्ति की गई है। एक सहायक को एक या एक से अधिक गांवो मे अधिकतर 15,00 मालिकों के भूखंडों तक फसल निरिक्षण मे सहायता करने की जिम्मेदारी दिया गया है। इसके पूर्व अगस्त सितंबर की फसलों का एप्प के माध्यम से निरिक्षण शुरू किया गया था। जो कि “ई-पीक पाहणी मोबाईल एप्प” से किया गया था। नई उन्नत ई फसल इंस्पेक्शन डिजिटल फसल सर्वेक्षण मोबाईल एप्प के द्वारा से अब पूरे महाराष्ट्र राज्य मे सौ प्रतिशत फसल निरिक्षण का काम किया जायेगा।







