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बाबा बासुकीनाथ मंदिर में धुंघट की रस्म पूरी

अनुमंडल पदाधिकारी दुमका द्वारा बरात को दी विदाई

*बासुकीनाथ धाम में घूंघट की रस्म पूरी! कोहबर घर पहुंचे महादेव, वीर गुलाल लगाकर विदा हुई बारात*

*बासुकीनाथ (दुमका)*

*मनोज कुमार कुशवाहा की रिपोर्ट*

सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थान बासुकीनाथ धाम में आयोजित शिव विवाह में वर्षों से चलती आ रही घुंघट और कोहबर घर की परंपरा को निर्वहन करते हुए महाशिवरात्रि के दूसरे दिन भगवान शिव के बरतिया को आमिर गुलाल लगाकर विदा करने की रस्म पूरी की गई।

पूर्व से चली आ रही परंपरा के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के दूसरे दिन बासुकीनाथ के चांदी का त्रिशूल को पालकी में रख कर नगर भ्रमण कराया गया उसके बाद त्रिशूल को कोहबर घर में रख कर वहां की मांगलिक रस्में पूरी की गई। त्रिशूल को कोहबर घर में रखने के बाद बाराती घराती एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर हंसी खुशी बारात को विदा किया।

बताते चलें कि बासुकीनाथ धाम में महाशिवरात्रि के अवसर पर उत्तर प्रदेश के शहनाई वादक काजीम हुसैन को भी आमंत्रित किया जाता है, जो भगवान शिव के विवाह उत्सव में लगातार 2 दिन तक शहनाई बजाते हैं| यह कहा जाए कि पूरा वैवाहिक कार्यक्रम उनके शहनाई के मधुर ध्वनि के बीच संपन्न होता है तो गलत नहीं होगा। बताते चलें कि काजिम हुसैन लगभग 5 दशक से प्रतिवर्ष बाबा बासुकीनाथ धाम आते हैं और शिव विवाहोत्सव में शहनाई बजाते हैं।
शहनाई वादक काजीम हुसैन बताते हैं कि बाबा बासुकीनाथ की असीम कृपा है कि प्रतिवर्ष बाबा के विवाहोत्सव में शहनाई बजाने का अवसर मिल रहा है| वहीं दुमका के अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि बासुकीनाथ धाम में आयोजित महाशिवरात्रि महोत्सव का आज समापन हो गया। उन्होंने ने इस महोत्सव में शामिल सभी लोगों को धन्यवाद ज्ञापन किया|

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