
भारत-चीन सीमा पर समुद्री तल से लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर तैनात हमारे वीर जवान कठिनतम परिस्थितियों में भी देश की सुरक्षा के लिए डटे हुए हैं। जहां तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है, नाथुला बॉर्डर में बर्फीली हवाएं चलती हैं और ऑक्सीजन की कमी से सांस लेना भी चुनौती बन जाता है, वहीं हमारे सुरक्षा बल हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।
इन दुर्गम इलाकों में जाकर यह महसूस होता है कि देश के नागरिक अपने घरों में शांति और सुरक्षा के साथ जीवन जी पा रहे हैं तो उसका सबसे बड़ा श्रेय इन जांबाज़ जवानों को जाता है। अगर ये पहरेदार सीमा पर तैनात न होते, तो देशवासियों को असुरक्षा का भय सताता।
यह न केवल एक ड्यूटी है, बल्कि देशभक्ति और बलिदान की एक मिसाल है, जो हर भारतीय को गर्व महसूस कराता है। देश इन्हें सलाम करता है।











