
झारखंड /

गोड्डा/ बसंतराय : झारखंड सरकार द्वारा ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई योजना कई क्षेत्रों में विफल साबित हो रही है। गोड्डा जिले के बसंत राय प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कदमा के मेदनीचक गांव में वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिला परिषद गोड्डा के 15 वे वित्त आयोग मद से सोलर जालमीनार का निर्माण कराया गया था। निर्माण के बाद से ही जल मीनार से एक भी बूंद पानी नहीं टपका है। पूरे मामले को लेकर स्थानीय जिप सदस्य अरशद वहाब ने जिला उपायुक्त जीशान कमर से संवेदक विमल कुमार भगत पर जलमिनार निर्माण में भारी अनियमितता बरते जाने साथ ही विभागीय मिली भगत से राशि बंदर बांट करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। जिप सदस्य ने अपने लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि संवेदक विमल कुमार भगत के द्वारा जलमीनर निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करते हुए उन्हें किसी भी तरह की जानकारी देना मुनासिब नहीं समझा। पत्र में बताया गया कि संवेदक ने महज 75 फीट डीप बोरिंग करके पूरी राशि निकाल ली और उसमें चापाकल तक नहीं लगाया जबकि प्राक्कलन के मुताबिक उसमें चापाकल लगाना अनिवार्य था। जिप सदस्य ने बताया कि इस मामलो को जिला परिषद् के बैठक में भी गंभीरता से उठाया गया लेकिन उप विकास आयुक्त के द्वारा एवं पेयजल आपूर्ति के कार्यपालक अभियंता के द्वारा मामले का संज्ञान नहीं लिया गया और संवेदक के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिप सदस्य में जिला उपायुक्त से मामले का जांच करा कर संवेदक के ऊपर निकाली गई राशि की रिकवरी करते हुए कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।





