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दिनांक 26.05.2025 को फ्रटियर मुख्यालय सीमा सुरक्षा बल, जोधपुर में राजस्थान फ्रंटियर, सीमा सुरक्षा बल द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर में दिये गये योगदान पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। श्री एम. एल. गर्ग, महानिरीक्षक, राजस्थान फ्रंटियर द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर में सीमा सुरक्षा बल की परिचालन क्षमता, खुफिया समन्वय, और बल के जवानों के अदम्य साहस आदि के बारे में जानकारी दी गई और मीडिया से रूबरू हुए।

दिनांक 26.05.2025 को फ्रटियर मुख्यालय सीमा सुरक्षा बल, जोधपुर में राजस्थान फ्रंटियर, सीमा सुरक्षा बल द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर में दिये गये योगदान पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। श्री एम. एल. गर्ग, महानिरीक्षक, राजस्थान फ्रंटियर द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर में सीमा सुरक्षा बल की परिचालन क्षमता, खुफिया समन्वय, और बल के जवानों के अदम्य साहस आदि के बारे में जानकारी दी गई और मीडिया से रूबरू हुए।

           प्रेस विज्ञप्ति 
         जोधपुर, राजस्थान

दिनांक 26.05.2025 को फ्रटियर मुख्यालय सीमा सुरक्षा बल, जोधपुर में राजस्थान फ्रंटियर, सीमा सुरक्षा बल द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर में दिये गये योगदान पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। श्री एम. एल. गर्ग, महानिरीक्षक, राजस्थान फ्रंटियर द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर में सीमा सुरक्षा बल की परिचालन क्षमता, खुफिया समन्वय, और बल के जवानों के अदम्य साहस आदि के बारे में जानकारी दी गई और मीडिया से रूबरू हुए।

सर्व प्रथम महानिरीक्षक ने दिनांक 23 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए नृशंस आतंकवादी हमले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह पड़ोसी देश द्वारा की गई एक कायराना हरकत थी। इसी के जवाब में भारत सरकार द्वारा दिनांक 07/08 मई, 2025 की मध्यरात्रि को “ऑपरेशन सिंदूर” लॉन्च किया गया, जिसमें सीमा सुरक्षा बल ने भी अपना बखुबी योगदान निभाया।

पहलगाम नरसंहार के पश्चात महानिदेशक सीमा सुरक्षा ने पश्चिमी सीमा पर संभावित खतरे का सटीक आकलन कर, बीएसएफ को पूरी तरह से तैयार रहने के लिए निर्देशित किया। इसी दौरान महानिदेशक सीसु बल ने महानिरीक्षक (ऑपरेशन) के साथ बीकानेर सेक्टर का दौरा किया व सीमा पर जवानों के बीच जाकर हालात की जानकारी ली। सभी सेक्टरों एवं वाहिनीयों को अंतर्राष्ट्रीय सीमा एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में उच्चतम स्तर की तैयारी, प्रतिक्रिया के लिए बल की ऑपरेशनल डयूटियों के लिए सतर्कता तथा मुस्तैदी का जायजा लिया। साथ ही सीमा सुरक्षा बल के खुफिया तंत्र को और मजबूत कर भारतीय सेना एवं एयर फोर्स के साथ समन्वय स्थापित कर ऑपरेशनल सूचनाओं के आदान-प्रदान करने के लिए निर्देशित किया गया।

ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान पाकिस्तान की ओर से राजस्थान के सीमावर्ती जिलों जैसलमेर, बीकानेर, और श्रीगंगानगर में लगातार ड्रोन गतिविधियाँ की गई। हमारी एयरस्पेस की सुरक्षा को चुनौती देने के प्रयासों को राजस्थान फ्रंटियर, सीमा सुरक्षा बल ने भारतीय सेना व एयर फोर्स के साथ मिलकर तत्परता से विफल किया। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने भारतीय सेना, वायु सेना व राजस्थान पुलिस के साथ अद्वितीय समन्वय और तालमेल बनाए रखा। राजस्थान फ्रंटियर के संपूर्ण संचालन क्षेत्र श्रीगंगानगर से लेकर जैसलमेर तक बीएसएफ ने देश की सेनाओं के साथ आवश्यक और रणनीतिक सूचनाओं का त्वरित एवं निर्बाध आदान-प्रदान सुनिश्चित किया।

इसी दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात किया गया ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। इस विशेष अभियान के अंतर्गत वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं सीमाओं पर मोर्चा संभाला और मौके पर ही अपने अधीनस्थ जवानों को वास्तविक समय (real time) में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किये । इसके अलावा सीमा के लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करना व उन्हें हर परिस्थिति के लिए तैयार रखा गया। इस ऑपरेशन के दौरान हमारी महिला प्रहरियों ने 24x7 सीमा पर तैनात रहकर बेहतरीन कार्य किया और सीमा पर पूरी मुस्तैदी से डटी रही। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में चलाए जा रहे रणनीतिक अभियानों को लेकर पाकिस्तानी मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर झूठा और भ्रामक प्रचार फैलाया जा रहा था। इन झूठे प्रचारों का मुकाबला करने के लिए बीएसएफ ने सोशल मीडिया के माध्यम से सत्य और तथ्य आधारित जानकारी साझा करना शुरू किया।

1971 के युद्ध में भारतीय सेना के साथ मिलकर पाकिस्तान को पराजित करने में बीएसएफ की निर्णायक भूमिका रही है। तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने बीएसएफ को ‘प्रथम रक्षा पंक्ति की उपाधि दी थी। ऑपरेशन सिंदूर में बीएसएफ ने फिर से उसी सम्मान और गरिमा को प्राप्त किया। योजनाबद्ध युद्धाभ्यास और क्रियान्वयन से यह सिद्ध किया कि बीएसएफ राष्ट्र की प्रथम रक्षा पंक्ति है। ऑपरेशन सिंदूर में बीएसएफ के अधिकारियों और जवानों ने जो वीरता और साहस दिखाया, वह राष्ट्रव्यापी प्रशंसा का पात्र बना। प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन में विशेष रूप से बीएसएफ और अन्य अर्धसैनिक बलों की सतर्कता और तत्परता का उल्लेख किया गया।

माननीय श्री अमित शाह, गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार ने 22वां अलंकरण समारोह के दौरान सीमा सुरक्षा बल की अभूतपूर्व साहसिकता, समर्पण और पेशेवर प्रतिबद्धता की सराहना की, जो देश की सीमाओं की सुरक्षा में अपनी जान की परवाह किए बिना कठिन परिस्थितियों में भी हमेशा तत्पर रहते हैं। उन्होंने बल के अदम्य साहस और अनुशासन की प्रशंसा की।

ऑपरेशन सिंदूर सफलता के बाद भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में जैसलमेर में अग्रिम सीमा चौकियों का दौरा किया। अधिकारिक दौरे के दौरान जैसलमेर बॉर्डर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए बीएसएफ के सहायक कमांडेंट श्री पी.के. मिश्रा व अन्य जवानों को को ‘कमेंडेशन डिस्क’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान बीएसएफ की उत्कृष्टता और समर्पण का प्रतीक है।

अंत में श्री एम.एल. गर्ग, महानिरीक्षक, राजस्थान फ्रंटियर ने प्रेस वार्ता में बताया कि बीएसएफ देश की ‘प्रथम रक्षा पंक्ति है तथा हम हर चुनौती को दुश्मन की आंखों में झाकते हुये स्वीकार करते है और सीमाओं पर चौकस रहते हैं। यह हमारा पवित्र कर्तव्य है कि हम अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सुरक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दें। “भारत की सरहद को कोई छू नहीं सकता क्योंकि इसकी निगहबान है हम सब की ऑखें।”

उपस्थित सभी मीडिया प्रतिनिधियों का राजस्थान फ्रंटियर, सीमा सुरक्षा बल द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर में दिये गये योगदान व राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रेस वार्ता में उपस्थित होने पर शुक्रिया अदा किया।

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