
जिला कलक्टर की अध्यक्षता में जिला पर्यट
बेगु / चित्तौड़गढ़, 4 अगस्त। जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कलक्टर कार्यालय स्थित समिति कक्ष में जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में चित्तौड़गढ़ दुर्ग सहित जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, पर्यटकीय सुविधाओं के विस्तार एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिला कलक्टर ने केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा स्वीकृत ‘देश योजना’ के अंतर्गत चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर कराए जा सकने वाले विकास कार्यों एवं पर्यटकीय सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के संबंध में संबंधित विभागों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया तथा आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों एवं शहर के प्रमुख मार्गों पर पर्यटकों के मार्गदर्शन के लिए आकर्षक एवं मानकीकृत साइनेज स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही चित्तौड़गढ़ दुर्ग क्षेत्र में यातायात प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने, पर्यटकों से अवैध वसूली करने वाले तथाकथित लपकों के विरुद्ध नियमित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा दुर्ग क्षेत्र में स्थायी पुलिस चैकी स्थापित करने के संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि दुर्ग आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं शहर के प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि पर्यटक ऑनलाइन टिकट प्राप्त कर सकें और टिकट खिड़कियों पर भीड़ कम हो। उन्होंने रामपोल दरवाजा क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन की समुचित कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में शहर में प्रस्तावित रिवर फ्रंट के निर्माण, चित्तौड़गढ़ फोर्ट फेस्टिवल के आयोजन तथा दुर्ग मार्ग को हेरिटेज रोड के रूप में विकसित किए जाने के प्रस्ताव पर भी विस्तृत चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने यूआईटी एवं नगर परिषद को शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर आकर्षक स्वागत द्वार विकसित करने के लिए समग्र योजना तैयार करने के निर्देश दिए। तथा दुर्ग पर पूर्वी छोर पर स्थित कीर्ति स्तंभ जैन मंदिर सूरजपोल पर भी फ्लड लाइट लगने से कोटा रोड से भी दुर्ग रात्रि में अच्छा देखा जा सकता है
इसके साथ ही जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों मातृकुंडिया, मेनाल, जोगणिया माता एवं श्री सांवलियाजी धाम पर पर्यटकीय सुविधाओं के विस्तार, आधारभूत अधोसंरचना के विकास तथा इन स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक आकर्षक बनाने के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई।
जिला कलक्टर ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षित स्मारकों एवं दुर्ग क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को रोकने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय के साथ नियमित निगरानी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसको लेकर पर्यटन विभाग की सहायक निदेशक ने विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर दिनेश धाकड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा, यूआईटी सचिव कैलाश चंद्र गुर्जर, नगर परिषद आयुक्त रविन्द्र यादव, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक विवेक जोशी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारी, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जिला परिवहन कार्यालय तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे |



