

डांगरडीह ग्राम के अदयापदो आचार्य, जो कुजू पंचायत के अंतर्गत आते हैं, अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह से खेती पर निर्भर थे। लेकिन सिंचाई की सुविधा न होने के कारण लंबे समय से उन्हें फसलों की पैदावार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, विशेष रूप से ग्रीष्म ऋतु में जब फसलों को अधिक पानी की आवश्यकता होती है।
इस समस्या का समाधान प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (जलछाजन विकास घटक 2.0) के तहत किया गया। योजना के एनआरएम मद से अदयापदो आचार्य की जमीन पर 100×100×12 फीट आकार का एक नया तालाब निर्मित किया गया, जिसका कैचमेंट एरिया लगभग 1.5 हेक्टेयर है।
इस तालाब के निर्माण से अदयापदो आचार्य के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब वे इस जलस्रोत का उपयोग सब्जी की खेती, मछली पालन और ग्रामीणों के स्नान के लिए कर रहे हैं। उन्होंने अपनी भूमि पर टमाटर, भिंडी, पत्ता गोभी, फूलगोभी, बीन्स, करेला, कद्दू, अदरक और नारियल की खेती की है।
इन फसलों की बिक्री से वे अब तक लगभग ₹34,000 की आमदनी कर चुके हैं। तालाब बनने से ना सिर्फ उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है, बल्कि वे अब आत्मनिर्भर भी हो गए हैं। अदयापदो आचार्य ने सरकार और संबंधित विभाग का आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।



