

सीकर. राज्य सरकार के शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत मिलावटखौरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रक आयुक्त एच. गुईटे के निर्देशन में चिकित्सा विभाग की टीम प्रतिदिन कार्रवाई कर रही है। सीकर जिले में अभियान के तहत अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक न्यायालय में 169 परिवाद पेश किए गए। इस पर न्यायालय ने 25 लाख 33 हजार का जुर्माना लगाते हुए संबंधित फर्म संचालकों को भविष्य में अमानक खाद्य पदार्थ नहीं बेचने के लिए पाबंद किया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. अशोक महरिया ने जिले में अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी फूलसिंह बाजिया ने खाद्य पदार्थों के प्रतिष्ठानों पर जाकर निरीक्षण किया और सैम्पल लेकर जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला जयपुर में भिजवाए। जांच में अमानक पाए जाने पर न्यायाल में 169 परिवाद पेश किए गए। इन परिवादों की सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय ने संबंधित फर्म संचालकों पर 25 लाख 33 हजार रूपए का जुर्माना लगाया है और अमानक खाद्य पदार्थ नहीं बेचने की हिदायत भी दी है।
उन्होंने बताया कि न्यायालय ने 63 फर्म संचालकों पर 10-10 हजार का जुर्माना किया गया है। साथ ही 14 फर्म संचालको पर 11-11 हजार, 16 फर्म संचालकों पर 12-12 हजार तथा 16 फर्म संचालकों पर 13-13 हजार का जुर्माना लगाया है। उन्होंने बताया कि दो फर्म संचालकों पर 14-14 हजार का, 39 पर 15-15 हजार, एक फर्म पर 16 हजार, 8 फर्मो पर 20-20 हजार, 4 फर्मों पर 30-30 हजार का, एक फर्म पर 40 हजार, 4 फर्मों पर 50-50 हजार का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा नीमकाथाना के इशांत एजेंसी पर सर्वाधिक दो लाख रूपए का जुर्माना लगाया गया है।




