
अविरल सविता (संवाददाता)उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद ने शनिवार को इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां देश की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यूनिवर्सिटी का उद्घाटन किया। यह यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के पहले सत्र के साथ शुरू हुई है। उद्घाटन के दौरान सीएम योगी ने इसे “शिक्षा की नई क्रांति” बताया।
कार्यक्रम में बटन दबाकर यूनिवर्सिटी का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही AI युग की औपचारिक शुरुआत उन्नाव से हुई।
मुख्यमंत्री योगी ने मंच से संबोधित करते हुए बिना नाम लिए पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा—“याद कीजिए, आठ साल पहले उत्तर प्रदेश में कोई सुरक्षित नहीं था — न महिलाएं, न व्यापारी। उस दौर में कोई निवेश नहीं करना चाहता था। लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। प्रदेश में 1.45 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है, जिसमें से 1.1 लाख करोड़ ज़मीन पर उतर चुका है।”
मुख्यमंत्री ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से आग्रह किया कि छात्रों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ संस्कारयुक्त शिक्षा भी दी जाए।
कार्यक्रम में AI आधारित रोबोटिक टीचिंग सिस्टम का डेमो भी प्रस्तुत किया गया। यह यूनिवर्सिटी ऐसे पहले संस्थानों में होगी, जहां रोबोटिक टीचर्स छात्रों को पढ़ाएंगे।
सीएम योगी ने इसे “शिक्षा का भविष्य” बताते हुए कहा कि जो छात्र पहले सत्र में दाखिला ले रहे हैं, वे बेहद सौभाग्यशाली हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक उनकी सरकार 60 लाख युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट दे चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि 2 करोड़ युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जाए।
पिछले आठ वर्षों में 23 नए विश्वविद्यालय बनाए गए हैं। जिन कमिश्नरी क्षेत्रों में विश्वविद्यालय नहीं थे, वहां 6 नए उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित किए गए। दो विश्वविद्यालयों को NAAC से A+ रैंकिंग प्राप्त हुई है।
सीएम योगी ने कहा—
“जहां अनुशासन समाप्त होता है, वहीं दुस्साशन शुरू होता है। यही महाभारत का कारण था। छात्रों को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहना चाहिए, उन्हें राष्ट्र निर्माण में भी सहभागी बनना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले भारत ग्लोबल इन्वेस्टर्स इंडेक्स में 76वें स्थान पर था, लेकिन आज 39वें स्थान पर पहुंच चुका है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पर बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।
उद्घाटन समारोह की मुख्य झलकियां
मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, निवेश मंत्री नंद गोपाल गुप्ता, सांसद साक्षी महाराज, यूनिवर्सिटी चांसलर सतनाम सिंह संधू और प्रो-चांसलर प्रो. हिमानी सूद उपस्थित रहे।
उद्घाटन समारोह में देश-विदेश की 20 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।




