
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज, गाजीपुर

गाजीपुर। जिले के कृषि विभाग में बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। भाजपा नेता और उर्वरक-बीज व्यापार समिति के जिलाध्यक्ष संतोष कुशवाहा ने जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि अधिकारी खाद और बीज के दुकानदारों से अवैध वसूली कर रहे हैं, जिससे व्यापारियों में आक्रोश है।
भाजपा नेता ने लिखा पत्र, की जांच की मांग
संतोष कुशवाहा ने इस मामले को लेकर जिलाधिकारी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भेजा है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि कृषि अधिकारी की मिलीभगत से दुकानदारों से मनमाना पैसा लिया जा रहा है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या हैं आरोप?
शिकायत पत्र के अनुसार कृषि अधिकारी और उनके सहयोगी निम्न तरीकों से अवैध वसूली कर रहे हैं:
रिटेलर आईडी बनाने के लिए ₹3,500 की वसूली
सैंपलिंग के नाम पर ₹10,000 से ₹15,000 की मांग
लाइसेंस जारी करने या नवीनीकरण के लिए ₹15,000 से ₹20,000 तक वसूली
फर्जी कंपनियों के उत्पाद जबरन बेचवाना और कमीशन लेना
हर सीजन दुकानदारों से हजारों रुपये की उगाही
व्यापारियों का कहना है कि अगर कोई दुकानदार पैसे देने से इनकार करता है तो उसके लाइसेंस को निलंबित करने या रद्द करने की धमकी दी जाती है।
पीड़ित व्यापारियों ने जताई नाराजगी
इस मामले में भाजपा नेता के साथ कई पीड़ित दुकानदार भी सामने आए। पत्रक सौंपने वालों में भाजपा नेता सचिन प्रसाद कन्नौजिया, मोती बिंद, दीनानाथ ठाकुर, डॉ. हरिवंश शर्मा और विश्वप्रकाश अकेला शामिल रहे। इन लोगों ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग में बिना घूस दिए कोई भी काम नहीं होता।
अधिकारियों ने दिया आश्वासन
जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्र पर अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल, किसानों और दुकानदारों की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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