
चित्रसेन घृतलहरे, वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़/समृद्ध भारत समाचार पत्र, 21 अक्टूबर 2025//क्षेत्र में अवैध जुआ-सट्टे का जाल इस कदर फैल चुका है कि कार्यवाही के बावजूद “52 पत्तों के पुजारी” खुलेआम अपना खेल जारी रखे हुए हैं। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार, सरसींवा, अमलीडीह, कोदवा, चकरदा, बालपुर, मनपसार, भिनोदा, रामभाठा ओढ़काकन, पेंड्रावन और आसपास के ग्रामीण इलाकों में शाम ढलते ही ताश के पत्ते खुल जाते हैं और लाखों रुपये का लेन-देन होने लगता है।
पुलिस की समय-समय पर होने वाली छापेमारी के बावजूद इस गैरकानूनी खेल पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पा रही है। बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर जुआ संचालक आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए लगातार ठिकाने बदल रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस खेल से न केवल युवा वर्ग बर्बादी की राह पर जा रहा है, बल्कि सामाजिक वातावरण भी बिगड़ता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध कारोबारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि क्षेत्र को इस काले धंधे से मुक्त कराया जा सके |
अब देखना यह है कि सरसींवा प्रशासन कब तक इन “52 पत्तों के पुजारियों” के जुए के साम्राज्य को नेस्तनाबूद करने में सफल होता है या फिर यह खेल यूं ही चलता रहेगा।






