
वंदेभारतलाइवटीव न्युज/ समृद्धभारत ई पेपर, छत्तीसगढ, बुधवार 29 अक्टूबर 2025-:
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प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ प्रदेश में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र को अब ऑनलाइन बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही यह भी छूट दी गई है कि वर्ष 2023 के पहले जन्म लिये बच्चों के आधार कार्ड बनवाने के लिए ऑनलाइन जन्म प्रमाणपत्र की बाध्यता नहीं रहेगी। भारत के महा रजिस्ट्रार कार्यालय दिल्ली ने वर्ष 2023 में संशोधित ऑनलाइन पोर्टल लॉच किया है। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य में जन्म एवं मृत्यु के प्रमाणपत्र को आनलाईन बनाए भी जा रहें हैं। जानकारी के अनुसार जन्म मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969, में वर्ष 2023 में संशोधन किया गया है।।इस संशोधन के अनुसार अक्टूबर 2023 के बाद जन्म लिए बच्चों की जन्म तिथि प्रमाणित करने के लिए अब जन्म प्रमाणपत्र ही एकमात्र वैध आधार माना जायेगा। वर्ष 2023 के पहले जन्में बच्चों के मामलों में अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों को भी जन्म तिथि के प्रमाणपत्र के तौर पर मान्य किया जा सकता है। किन्तु अक्टूबर 2023 के बाद जन्म लिए बच्चों के लिए केवल जन्म प्रमाणपत्र ही जन्म तिथि प्रमाण का आधार होगा। छत्तीसगढ राज्य में अप्रैल 2023 के बाद से जन्में प्रत्येक बच्चे के लिए ऑनलाइन जारी जन्म प्रमाणपत्र को मान्य किया जायेगा। इससे यह भी स्पष्ट है कि अक्टूबर 2023 के पहले जन्में बच्चों के जन्म तिथि प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाणपत्र आवश्यक नहीं होगा। इसके लिए अन्य दस्तावेज भी मान्य होंगे। अक्टूबर 2023 के पहले जन्में बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र मैनयुअली रूप से जारी किया गया था उनके लिए भी अब पोर्टल में ऑनलाइन प्रमाणपत्र बनाने का प्रावधान उपलब्ध है। इससे पुराने जन्म प्रमाणपत्र भी डिजिटल रूप से सुरक्षित किए जा सकते हैं। छत्तीसगढ राज्य में अक्टूबर 2023 के बाद से सभी जन्म प्रमाणपत्र अब केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही बनाए जा रहें हैं। वर्तमान में यह पोर्टल पूरी तरह से तकनीकी रूप से संचालित है।






