
काशी कुंड फैलहा धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, कार्तिक पूर्णिमा पर भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी
कुशीनगर कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को कुशीनगर जनपद के फैलहा स्थित काशी कुंड धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही दूर-दराज़ के गांवों और कस्बों से श्रद्धालु यहां पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने पवित्र काशी कुंड में आस्था की डुबकी लगाकर भगवान विष्णु और भगवान शंकर की आराधना की। पूरा क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा से सराबोर दिखाई दिया। महिलाओं ने स्नान के बाद दीपदान कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की। घाटों पर ‘हर हर महादेव’ और ‘जय श्री हरि’ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी श्रद्धा में लीन दिखाई दिए। दीपों की रौशनी से सजा फैलहा धाम मनोहारी दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। काशी कुंड फैलहा धाम का धार्मिक महत्व प्राचीन काल से जुड़ा है। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहां स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद धाम स्थित मंदिरों में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रशासन ने मेले में सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतज़ाम किए थे। पुलिस बल के साथ-साथ स्वयंसेवक भी भीड़ नियंत्रण में लगे रहे। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुविधा के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए गए थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा शिविर भी लगाया गया। धाम परिसर में लगे अस्थायी दुकानों पर भी रौनक देखने को मिली। प्रसाद, खिलौने, और धार्मिक वस्तुएं खरीदने के लिए श्रद्धालु उत्साहपूर्वक जुटे रहे। ग्रामीण अंचल के लोगों ने मेले में बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र उत्सवमय हो गया। कार्तिक पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर फैलहा धाम का दृश्य अलौकिक था। सरोवर में प्रतिबिंबित दीपों की रौशनी और भक्तों की आस्था ने एक दिव्य वातावरण बना दिया, जो देर शाम तक श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता रहा।












