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महराजगंज: ‘प्रोजेक्ट पहचान’ से बच्चों की होगी समय पर पहचान और उपचार, डीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश

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महराजगंज।

महराजगंज: ‘प्रोजेक्ट पहचान’ से बच्चों की होगी समय पर पहचान और उपचार, डीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश –

डीएम गौरव सिंह सोगरवाल की पहल ‘प्रोजेक्ट पहचान’, बच्चों के समग्र विकास पर फोकस

‘प्रोजेक्ट पहचान’ से बदलेगी जरूरतमंद बच्चों की जिंदगी, डीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश

‘प्रोजेक्ट पहचान’ अभियान को लेकर डीएम ने की समीक्षा बैठक-

अब समय पर होगी बच्चों की पहचान और उपचार, ‘प्रोजेक्ट पहचान’ पर डीएम का जोर –

दिव्यांगता व गंभीर बीमारियों से प्रभावित बच्चों के लिए ‘प्रोजेक्ट पहचान’, डीएम ने बनाई रणनीति –

महराजगंज । जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में नवाचारी अभियान ‘प्रोजेक्ट पहचान’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी बीडीओ, एमओआईसी, सीडीपीओ, बीईओ तथा सदर एवं निचलौल तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) ने भाग लिया।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट पहचान’ का उद्देश्य जन्मजात या प्रारंभिक अवस्था में विभिन्न दिव्यांगताओं एवं गंभीर बीमारियों से प्रभावित बच्चों की समय पर पहचान, उपचार, पुनर्वास और समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे बच्चों की शुरुआती अवस्था में पहचान कर उचित चिकित्सा और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, तो उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

डीएम ने सीएचओ से कहा कि गांव स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान विशेष सतर्कता और संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी जरूरतमंद बच्चा चिन्हित होने से वंचित न रह जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल बीमारी या दिव्यांगता की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को उपचार, पुनर्वास, शिक्षा, पोषण और सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनका समग्र विकास सुनिश्चित करना भी है।

जिलाधिकारी ने बताया कि यह एक बहु-विभागीय अभियान होगा, जिसमें स्वास्थ्य विभाग नोडल विभाग की भूमिका निभाएगा। आईसीडीएस, बेसिक शिक्षा, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज एवं अन्य विभाग समन्वय के साथ बच्चों की पहचान, उपचार और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करेंगे।

बैठक में सभी विकास खंडों में सीएचओ, एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि प्रशिक्षण संबंधित बीडीओ की अध्यक्षता में होगा, जिसमें एमओआईसी और अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। प्रशिक्षण के दौरान फील्ड कर्मियों को बच्चों में विकासात्मक समस्याओं, दिव्यांगताओं की पहचान, रेफरल व्यवस्था और आवश्यक सहायता की प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कन्नौजिया, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनोज कुमार, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, डीपीओ वाणी वर्मा, बीएसए सुरजीत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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