
कटनी, रीठी।। GANESH UPADHYAY VANDE BHARAT LIVE TV NEWS KATNI MP. 
कटनी-दमोह मुख्य मार्ग पर राहगीरों व वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन (एमपीआरडीसी) के तहत कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा निर्मित इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और टूटे हुए हिस्से यात्रियों के लिए खतरा बन चुके हैं। बावजूद इसके, कंपनी द्वारा टोल टैक्स की वसूली बिना रूके जारी है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल रहा है। सड़क की दयनीय स्थिति का जब जायजा लेने पहुंचे तो पता चला कि निर्माण के महज कुछ वर्षों बाद ही यह मार्ग अपनी मूल स्थिति खो चुका है। जगह-जगह कांक्रीट के टुकड़े उड़ चुके हैं। इससे वाहनों का संतुलन बिगड़ रहा है। लोगों ने बताया कि इस मार्ग से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, लेकिन टोल बूथ पर पैसे ऐंठे जाते हैं। लोगों का कहना है कि क्या जर्जर सड़क पर टैक्स वसूलना उचित है। जबकि पूरे सड़क मार्ग के परखच्चे उड़ गए हैं। 
भक्तों में आक्रोश, मुहांस मंदिर जाने वाले श्रद्धालु परेशानजो तस्वीरें सामने आई हैं वो रीठी के मुहांस मंदिर के पास वाली सड़क व कटनी-रीठी मार्ग का है। यहां पर बीते कई दिनों से यह स्थिति बनी हुई है। इसके चलते प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मुहांस मंदिर आने वाले श्रद्धालु भी परेशान हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस में कई बार शिकायतें की गई लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। जिसके चलते क्षेत्रीय लोगों के साथ-साथ भक्तों में भी आक्रोश पनप रहा है। 
निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
कटनी से दमोह तक की यह मुख्य सड़क मार्ग की जर्जर स्थिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़ी कर रही है। लोगों का कहना है कि यह मार्ग सीधे भोपाल को जोड़ता है। बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जगह-जगह गड्ढे निर्माण कार्य में हुई मनमानी के पोल खोल रहे हैं। आरटीओ कार्यालय के पास टोल टैक्स, वसूली जारीइस सड़क के लिए आरटीओ कार्यालय के पास लगे टोल टैक्स से वाहन चालकों से बकायदा टोल टैक्स लिया जा रहा है। लेकिन सड़क के सुधार की ध्यान नहीं है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, सड़क के रखरखाव के लिए बजट आवंटित होने के बावजूद ठेकेदार कंपनी की लापरवाही के कारण मरम्मत कार्य ठप पड़ा हुआ है। यात्रियों ने मांग की है कि जब तक सड़क की मरम्मत पूरी न हो, टोल टैक्स वसूली पर रोक लगाई जाए। यह मुद्दा न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।





