A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरे

लोनी अर्बन मल्टी क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी घोटाला: 100 करोड़ की ठगी का खुलासा, हाईकोर्ट के आदेश पर अब सीबीआई जांच शुरू

अन्य राज्यों में भी सक्रिय थी कंपनी, इन्हें बनाया शिकार

वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज
IMG 20250817 WA0010

देहरादून/ऋषिकेश/गाजियाबाद)
लोनी अर्बन मल्टी क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी (LUCC) द्वारा की गई बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी में उत्तराखंड पुलिस की जांच में नए चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक पड़ताल में यह खुलासा हुआ था कि कंपनी ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी की। सबसे पीड़ित वह परिवार रहे जो दिहाड़ी मजदूरी करने वाले, महिलाएं और गृहणियां थीं, जिन्होंने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी कंपनी में निवेश कर दी थी।
कंपनी का जाल कई राज्यों में फैला, मालिक नवी मुंबई का निवासी

LUCC सोसायटी उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र में भी सक्रिय थी। कंपनी का मुख्य संचालक समीर अग्रवाल नवी मुंबई का निवासी बताया गया है। विभिन्न शिकायतों के आधार पर पुलिस मुख्यालय स्तर से भी इस बड़े घोटाले की निगरानी की जाती रही।
सभी मामलों में IPC की ठगी संबंधी धाराओं के साथ-साथ बेनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम (BUDS Act) के तहत भी कार्रवाई की गई। इसलिए दर्ज मामले विशेष स्पेशल बड्स एक्ट कोर्ट में विचाराधीन हैं।

हाईकोर्ट ने दिया CBI जांच का आदेश – दो PIL के बाद बड़ा कदम

मार्च 2025 में ऋषिकेश निवासी एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर पूरे घोटाले की जांच केंद्रीय एजेंसी—सीबीआई से कराने की मांग की थी। दूसरी PIL भी इसी विषय पर दाखिल की गई।
दोनों की संयुक्त सुनवाई में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को CBI जांच के आदेश जारी कर दिए।

महिलाओं का आंदोलन 7 महीनों तक सड़कों पर गूंजा

घोटाले के शिकार अधिकांश महिलाएं थीं।

मार्च 2025 से कोर्ट परिसर में धरने शुरू हुए

सितंबर 2025 में पीड़ित सड़क पर उतरे

कई बार प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेराव और राजभवन कूच भी किया गया

कोटद्वार में धरना 140 दिनों से भी अधिक चला

पीड़ितों ने कंपनी मालिक समीर अग्रवाल की गिरफ्तारी और जमा धन वापस दिलाने की मांग पर आंदोलन जारी रखा।

इस बड़े घोटाले में 46 आरोपी बनाए गए — प्रबंधन, कर्मचारी से लेकर ब्रांड एम्बेसडर तक शामिल

पुलिस जांच में कुल 46 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें कंपनी मालिक, चेयरमैन, डायरेक्टर, राज्य स्तर के प्रभारी, ब्रांच मैनेजर, एजेंट और यहाँ तक कि दो बॉलीवुड अभिनेता भी ब्रांड एम्बेसडर के रूप में आरोप-पत्र में शामिल किए गए हैं।

एलयूसीसी घोटाला: आरोपियों की विस्तृत प्रोफ़ाइल व भूमिका

लोनी अर्बन मल्टी क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी (LUCC) घोटाले में अब तक दर्ज मुकदमों, पुलिस जांच, पीआईएल और पीड़ितों के बयान के आधार पर कुल 46 लोगों/संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है। इन आरोपियों में कंपनी के संचालक, चेयरमैन, बोर्ड सदस्य, ब्रांच मैनेजर, एजेंट, प्रमोटर, ब्रांड एम्बेसडर और क्षेत्रीय सहयोगी शामिल हैं। नीचे सभी आरोपियों का विस्तृत विवरण, पता और संभावित भूमिका दी गई है।

(A) मुख्य संचालक और शीर्ष स्तर के आरोपी

1. समीर अग्रवाल — मालिक एवं मास्टरमाइंड

निवासी: प्लॉट 502, ब्लॉसम, घनसोली, नवी मुंबई, महाराष्ट्र

भूमिका: कंपनी का वास्तविक संचालक, निवेश स्कीमों का डिजाइनर, उच्च ब्याज और धोखाधड़ी योजनाओं का सूत्रधार

आरोप: बड्स एक्ट उल्लंघन, धोखाधड़ी, करोड़ों की अवैध वसूली

2. दिनेश सिंह — चेयरमैन, एलयूसीसी

निवासी: विजय विहार, लोनी, गाजियाबाद, यूपी

भूमिका: मैदान में सोसायटी के संचालन और विस्तार का प्रभारी; नीतियों का प्रशासनिक प्रमुख

आरोप: निवेशकों से धन संग्रह, झूठे दस्तावेज, फर्जी आश्वासन

3. आर.के. शेट्टी

निवासी: श्रेयस अपार्टमेंट, दादर वेस्ट, मुंबई

भूमिका: फाइनेंशियल स्ट्रक्चरिंग और इंटर-स्टेट ऑपरेशन

आरोप: अवैध स्कीमों में सहयोग, धन ट्रांसफर में भूमिका

4. संजय मुद्गिल

निवासी: भांजल, ऊना, हिमाचल प्रदेश

भूमिका: उत्तर भारत में नेटवर्क बढ़ाने का कार्य

आरोप: संग्रह राशि का हेरफेर, फर्जी कागजात तैयार करना

(B) ब्रांड एम्बेसडर (प्रमोशनल भूमिका में आरोपी)

नोट: इन पर प्रचार के माध्यम से भ्रामक विश्वसनीयता देने के आरोप।

5. श्रेयस तलपड़े — फिल्म अभिनेता

भूमिका: कंपनी का ब्रांड एम्बेसडर

आरोप: प्रमोशनल सामग्री में शामिल होकर सोसायटी की विश्वसनीयता बढ़ाने में योगदान

6. आलोक नाथ — फिल्म अभिनेता

निवासी: अंधेरी वेस्ट, मुंबई

भूमिका: विज्ञापनों में कंपनी का प्रचार

आरोप: निवेशकों को भ्रमित करने वाली प्रमोशनल गतिविधियाँ

(C) उत्तर प्रदेश क्षेत्र के प्रमुख सहयोगी/एजेंट

7–18: नेटवर्क ऑपरेटर, फील्ड एजेंट और क्षेत्रीय समन्वयक

इन सभी पर यूपी के विभिन्न जिलों में एलयूसीसी की योजनाओं को फैलाने, धन इकट्ठा करने, फर्जी वादा करने, और रकम सोसायटी कार्यालय तक पहुंचाने के आरोप हैं।

7. उत्तम कुमार सिंह राजपूत – बाराबंकी

8. माया राजपूत – बाराबंकी

9. शबाब हुसैन रिजवी – उरई, जालौन

10. अरविंद कुशवाहा – उरई, जालौन

11. अजय कुमार श्रवणकर – कोंच, जालौन

12. साबिर अली – लखीमपुर खीरी

13. राकेश कुमार वर्मा – गैंसड़ी, बलरामपुर

14. रघुवेंद्र सिंह – उरई, जालौन

15. संजीव कुमार खरे – उरई, जालौन

16. संतोष कुमार मिश्रा – अहमदपुर, बाराबंकी

17. शशिभानु सिंह – आटा, जालौन

18. मंजर हुसैन – देवा, बाराबंकी

भूमिका:

लोगों से जमा राशि लेना

फर्जी रसीदें जारी करना

महिलाओं/ग्रामीण गरीबों को अधिक ब्याज का लालच देना

निवेश योजनाओं को विस्तार देना

(D) संस्था स्वयं आरोपी के रूप में

19. द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट सोसाइटी (LMUCCTS)

पता: सी-8, ओसियन प्लाज़ा, शालीमार गार्डन, साहिबाबाद, गाजियाबाद

दर्ज आरोप:

अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम चलाना

बहु-राज्य स्तर पर धोखाधड़ी

बिना अनुमति बैंकिंग-जैसी गतिविधियाँ

(E) ऋषिकेश और आसपास के स्थानीय स्टाफ व सहयोगी

20–26: स्थानीय कलेक्शन एजेंट, महिला समूह प्रमोटर, प्वाइंट-ऑफ-कलेक्शन प्रभारी
इन पर ग्रामीण/शहरी महिलाओं को झांसा देकर पैसा जमा कराने का आरोप।

20. गिरीश चंद सिंह बिष्ट – मीरा नगर

21. उर्मिला बिष्ट – मीरा नगर

22. जगमोहन बिष्ट – मीरा नगर

23. शिवानी – मीरा नगर

24. अनिता नेगी – बीस बीघा

25. विनीता भट्ट – श्यामपुर

26. तरुण मौर्य – ऋषिकेश

(F) पौड़ी–चमोली–रुद्रप्रयाग नेटवर्क

27. बिमला सक्सेना – पौड़ी

28. शैलेन्द्र – ब्रांच मैनेजर, जोशीमठ

29. ममता भंडारी – ब्रांच मैनेजर, श्रीनगर

भूमिका:

शाखाओं का संचालन

जमा राशि का दैनिक हिसाब

एजेंटों को निर्देश देना

जालसाजी में कंपनी का स्थानीय ढांचा तैयार करना

(G) देहरादून–डाकपत्थर–रानीपोखरी क्षेत्र के आरोपी

इन पर मुख्यतः—
✔ निवेशकों से धन लेना
✔ फर्जी आश्वासन देना
✔ रिकॉर्ड छुपाना
✔ संग्रहित राशि का मिस-मैनेजमेंट—के आरोप हैं।

30. परितोष पंत – सुद्धोवाला

31. विनीत सिंह – पता अज्ञात

32. संगीता राणा – रानीपोखरी

33. इंदु उपाध्याय – ब्रांच मैनेजर

34. महेंद्र निवासी: पुल नंबर 1, डाकपत्थर, विकासनगर, देहरादून।

35.शम्मी निवासी: पुल नंबर 1, डाकपत्थर, विकासनगर, देहरादून।

36.गोविंद वर्मा निवासी: पुल नंबर 1, डाकपत्थर, विकासनगर, देहरादून

37. शुभम ममगाईं निवासी: रानीपोखरी, देहरादून

38. हिमांशु शर्मा निवासी: रानीपोखरी, देहरादून।

(H) कोटद्वार–मावाकोट–श्रीनगर क्षेत्र के आरोपी

39. प्रज्ञा रावत – मोटाढाक, कोटद्वार

40. सरोजनी बिष्ट – नंदपुर, कोटद्वार

41. सोनिया रावत – मावाकोट

42. हरेंद्र सिंह – श्रीनगर, पौड़ी

भूमिका:

क्षेत्रीय कलेक्शन

महिलाओं व मजदूरों को योजनाओं में जोड़ना

ग्रामीण क्षेत्रों में कंपनी की “विश्वसनीयता” फैलाना

(I) ऋषिकेश क्षेत्र का दूसरा नेटवर्क

43. प्रकाश सिंह भंडारी – ऋषिकेश

44. नेहा भंडारी – ऋषिकेश

45. विजेन्द्र पुष्पवान निवासी: पैंज, ऊखीमठ, रुद्रप्रयाग।

(N) देहरादून क्षेत्र का दूसरा नेटवर्क

46. संगीता राणा निवासी: रानीपोखरी, देहरादून।

भूमिका:

परिवार आधारित नेटवर्क

कलेक्शन पॉइंट बनाना

छोटी बचत वाली महिलाओं को निवेश करवाना

कुल आरोपी: 46

ये सभी आरोपी विभिन्न एफआईआर में शामिल हैं, और सभी पर धोखाधड़ी (IPC), बड्स एक्ट, जालसाजी, अनुचित लाभ, और निवेशकों को ठगने के आरोप हैं। अन्य संचालक,मैनेजर,एजेंट(पूरा विवरण सूची अनुसार शामिल)

कुल 46 व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है जिनमें ऋषिकेश, कोटद्वार, पौड़ी, देहरादून, बाराबंकी, जालौन, रुद्रप्रयाग, चमोली आदि जिलों के लोग शामिल हैं
राज्य भर में 10 FIR — सभी में चार्जशीट दाखिल

पीड़ितों की शिकायतों पर 2024–2025 के बीच निम्न थानों में कुल 10 एफआईआर दर्ज हुईं—

देवप्रयाग

घनसाली

कोटद्वार

पौड़ी

श्रीनगर

ऋषिकेश

देहरादून (पटेलनगर)

उत्तरकाशी

चंबा

नई टिहरी

सभी मामलों में पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिससे सीबीआई जांच की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

पीड़ितों की मांग: धन वापसी और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

पीड़ितों ने कहा है कि घोटाले में उनकी जीवनभर की कमाई दांव पर लग गई है।
उनकी प्रमुख मांगें—

मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल की तत्काल गिरफ्तारी

सीबीआई जांच की निगरानी हाईकोर्ट से कराई जाए

पीड़ितों का जमा धन प्राथमिकता से वापस दिलाया जाए

अब निगाहें सीबीआई की कार्यवाही पर

हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह घोटाला अब राष्ट्रीय स्तर पर जांच के दायरे में आ चुका है।
पीड़ितों को उम्मीद है कि CBI जांच से इस बड़े नेटवर्क का सच सामने आएगा और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।

Jitendra Maurya

Vande Bharat Live TV News District Head Ghazipur Uttar Pradesh India
Back to top button
error: Content is protected !!