उत्तर प्रदेशबस्तीलखनऊ

।। अंतरराष्ट्रीय कॉल को लोकल बनाकर चल रहा था फर्जी कॉल रैकेट।।

।। साइबर पुलिस–एसओजी–बीएसएनएल की संयुक्त छापेमारी में एक गिरफ्तार, भारी मात्रा में सिमबॉक्स व उपकरण बरामद।।

अजीत मिश्रा (खोजी)

 पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 

♦अंतरराष्ट्रीय कॉल को लोकल बनाकर चल रहा था फर्जी कॉल रैकेट, साइबर पुलिस–एसओजी–बीएसएनएल की संयुक्त छापेमारी में एक गिरफ्तार, भारी मात्रा में सिमबॉक्स व उपकरण बरामद।

04 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।FB IMG 1764858428506

  देवरिया।। जिले की साइबर क्राइम पुलिस, एसओजी और बीएसएनएल की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय कॉल को लोकल कॉल में बदलकर फर्जी रूप से पैसे कमाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में सिमबॉक्स, सैकड़ों सिम, एण्टीना और तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं। यह रैकेट लंबे समय से विदेश से आने वाली कॉल्स को VOIP के जरिए लोकल कॉल में बदलकर दूरसंचार कंपनियों व सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुँचा रहा था।

 03 दिसंबर 2025 को साइबर पुलिस कोतवाली क्षेत्र के रामगुलाम टोला में सिमबॉक्स संचालन की सूचना मिली। मुखबिर की सटीक सूचना पर साइबर थाने, एसओजी और बीएसएनएल की संयुक्त टीम ने छापा मारकर तेज नरायण सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि तेज नरायण पहले मॉरीशस में इलेक्ट्रीशियन का काम करता था, जहाँ उसकी मुलाकात दो बांग्लादेशी नागरिकों- आदिल अहमद और समीर से हुई। वहीं से उसने यह अवैध तकनीकी धंधा सीख लिया। बाद में कोलकाता के एक व्यक्ति से संपर्क कर उसने सिमबॉक्स, भारतीय सिम और पूरा सेटअप हासिल किया। घर लौटकर उसने इंटरनेट से सिमबॉक्स कनेक्ट किए और समीर द्वारा भेजे गए लिंक व आईडी-पासवर्ड से लॉगिन कर सिम एक्टिव करता था। इसके बाद विदेशी VOIP कॉल को लोकल कॉल में बदलकर मोटा पैसा कमाया जाता था।

छापेमारी में पुलिस ने जो सामान बरामद किया है, वह इस रैकेट के बड़े पैमाने पर चलने की पुष्टि करता है, जहां बरामद 06 सिमबॉक्स मशीनें, 219 बीएसएनएल सिम, 43 बड़े और 169 छोटे एण्टीना, 06 वाई-फाई राउटर, 01 जीयो राउटर, 01 एयरटेल राउट, नेट स्टार ईथरनेट स्विच, 07 सिमबॉक्स एडॉप्टर, 08 राउटर एडॉप्टर, कई LAN व USB केबल, 03 मोबाइल फोन, एचडीएफसी और एसबीआई की पासबुकें, चेकबुकें और 11 ATM कार्ड, डेल व तोशिबा कंपनी के दो लैपटॉप, अभियुक्त का आधार कार्ड बरामदगी की मात्रा देखकर साफ है कि यह रैकेट लंबे समय से सक्रिय था और बड़े पैमाने पर इंटरनेशनल कॉल बाईपासिंग का धंधा चल रहा था।

इस कार्यवाई की संयुक्त टीम में साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार, कांस्टेबल दीपक सोनी, कांस्टेबल विजय राय, निरीक्षक विनायक सिंह, एसओजी टीम के विनय सिंह, धनंजय श्रीवास्तव सहित थाना कोतवाली, महिला आरक्षी और बीएसएनएल के तकनीकी अधिकारी, एजीएम प्रणव कुमार सिंह, एसडीओ राजीव सिंह, जेटीओ राजेश चंद्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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