

निवाड़ी। इंदौर प्रकरण को लेकर प्रदेश स्तरीय भाजपा के मंत्री एवं विधायकों के खिलाफ कांग्रेस द्वारा किए जाने वाले विरोध प्रदर्शन की हवा निवाड़ी में निकलती नजर आई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निवाड़ी विधायक अनिल जैन के निवास पर घेराव करने का प्रयास किया, लेकिन यह प्रदर्शन पूरी तरह असफल रहा।
प्रदर्शन में कांग्रेस के जिला, ब्लॉक एवं नगर स्तर के गिने-चुने पदाधिकारी ही शामिल हुए, जिससे संगठन की कमजोर तैयारी और आंतरिक असंतोष खुलकर सामने आ गया। आश्चर्य की बात यह रही कि कांग्रेस की जिला पंचायत अध्यक्ष इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुई , जिससे कांग्रेस की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
घेराव कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने पहले जोर-शोर से तैयारी का दावा किया था, लेकिन मौके पर स्थिति इसके उलट दिखी। न तो अपेक्षित संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे और न ही कोई बड़ा कांग्रेसी नेता मौजूद रहा। इससे कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व की सक्रियता और संगठनात्मक मजबूती पर प्रश्नचिह्न लग गया है। इस प्रदर्शन में निवाड़ी कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश यादव, नगराध्यक्ष अनूप बड़ोनिया, वरिष्ठ कांग्रेसी नरेंद्र खरे,मनोहर सिंह यादव सहित 8 से 10 नगर के युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।
भाजपा समर्थकों में दिखा आत्मविश्वास
वहीं, कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन के बाद भाजपा खेमे में आत्मविश्वास देखा गया। पार्टी समर्थकों का कहना है कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को उठाने के बजाय केवल राजनीतिक प्रदर्शन तक सीमित रह गई है, वह भी बिना संगठनात्मक मजबूती के।
राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज
इस असफल घेराव के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि कांग्रेस के भीतर आपसी तालमेल की कमी और नेतृत्व का अभाव साफ तौर पर सामने आ गया है। आने वाले समय में इसका असर पार्टी की आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।






