
असम के गुवाहाटी में आईटीबीपी में तैनात कांस्टेबल सुनील कुमार बीते 31 दिसंबर को एक घटना में शहीद हो गए l बुधवार को उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए गृह गांव बरासो के करौली लाया गया l यहां ग्रामीण व आईटीबीपी जवानों ने पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जवान का शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ जब गांव पहुंचा तो यहां माहौल गमगीन हो गया l हर ऑंखें नम होकर अपने शाहिद लाडले बेटे को अंतिम विदाई दे रही थी l ग्रामीण भारत माता की जय हो,जब तक सूरज चांद रहेगा सुनील सिंह तुम्हारा नाम रहेगा,जैसे नारे लगा रहे थे l शाहिद की पत्नी जवान के शरीर से लिपटकर रो रही थी l शाहिद के पिता परमाल सिंह ने बताया कि सुनील परिवार का सबसे लाडला था l आइटीबीपी सेंटर से आए जवानों ने सैनिक को पूरे राज्य के सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी l







