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पाठशालाएं बंद,मधुशालाएं चालू!बुंदेलखंड की बदहाली पर शालिनी सिंह पटेल का तीखा प्रहार

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पाठशालाएं बंद,मधुशालाएं चालू!बुंदेलखंड की बदहाली पर शालिनी सिंह पटेल का तीखा प्रहार

गिरजा शंकर अवस्थी ब्यूरो बांदा

बांदा/बुंदेलखंड।जनता दल यूनाइटेड की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं यूपी प्रभारी बुंदेलखंड शालिनी सिंह पटेल ने सरकार से तुरंत शराबबंदी लागू करने की कड़ी मांग की है।उन्होंने कहा कि शराब बुंदेलखंड के लिए विकास नहीं बल्कि विनाश का कारण बन चुकी है और अब इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि बुंदेलखंड पहले से ही सूखा,गरीबी,बेरोजगारी,पलायन और किसानों की बदहाली से जूझ रहा है।ऐसे में शराब ने इस क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को और अधिक कमजोर कर दिया है।उन्होंने कहा कि गांवों में बच्चों के भविष्य के लिए विद्यालय नहीं हैं,लेकिन शराब के ठेके हर गांव में खुले हैं।कई बड़े गांवों में दो-दो ठेके संचालित हो रहे हैं,जबकि शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधा को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।यह व्यवस्था सरकार की गलत प्राथमिकताओं को दर्शाती है।शालिनी सिंह पटेल ने सवाल उठाया कि जब शराबियों पर कार्रवाई होती है तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि शराब की दुकानें खोलने की अनुमति कौन देता है,शराब की फैक्ट्रियां कौन लगवाता है और गांव-गांव ठेके किसके आदेश से खुलते हैं।उन्होंने कहा कि केवल छोटे लोगों पर कार्रवाई कर देना समाधान नहीं है,असली जिम्मेदारों पर सवाल उठाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि शराब के कारण बुंदेलखंड में घरेलू हिंसा बढ़ रही है,परिवार टूट रहे हैं,सड़क दुर्घटनाएं बढ़ी हैं और आत्महत्या जैसे गंभीर मामले लगातार सामने आ रहे हैं।मजदूर और किसान की मेहनत की कमाई शराब में बर्बाद हो रही है,जिससे कर्ज और गरीबी और गहरी होती जा रही है।शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं,किसानों,मजदूरों और युवाओं के भविष्य की चिंता करती है तो उसे तुरंत शराब बंद करनी चाहिए और गांव-गांव विद्यालय खोलकर शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अब भी शराब पर सख्त निर्णय नहीं लिया गया तो बुंदेलखंड की आने वाली पीढ़ी इस अन्याय को कभी माफ नहीं करेगी।

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