

🚨 मानवता की मिसाल बनी सहारनपुर पुलिस: खुडाना नहर पुल पर भीषण सड़क हादसा, दो की दर्दनाक मौत, तीन घायल—तत्काल राहत-बचाव में पुलिस की सराहनीय भूमिका
सहारनपुर जनपद के नानौता क्षेत्र में रविवार की रात घटित एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया, लेकिन इस दर्दनाक हादसे के बीच सहारनपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मानवीय संवेदनशीलता और जिम्मेदार कार्यप्रणाली ने राहत कार्यों में अहम भूमिका निभाते हुए मानवता की मिसाल पेश की। सहारनपुर मार्ग पर स्थित खुडाना नहर पुल के पास देर शाम लगभग आठ बजे दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जबरदस्त टक्कर हो गई, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और सवार सड़क पर दूर तक जा गिरे। हादसे के बाद क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि राहगीरों द्वारा सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम ने असाधारण तेजी दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर घायलों को संभाला और तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। दुर्घटना में जान गंवाने वालों की पहचान गांव अन्नतमऊ निवासी प्रताप सिंह सैनी (लगभग 45 वर्ष) पुत्र बाबूराम सैनी तथा बबलू सैनी (लगभग 35 वर्ष) पुत्र नाथूराम सैनी के रूप में हुई है। दोनों रिश्ते में भाई थे और फर्नीचर का काम कर अपने परिवारों का भरण-पोषण करते थे। जानकारी के अनुसार दोनों बड़गांव क्षेत्र के महेशपुर गांव में काम खत्म कर बाइक से वापस लौट रहे थे। दूसरी ओर दूसरी बाइक पर थाना थानाभवन क्षेत्र के गांव खानपुर निवासी प्रवीन, सोनू और सन्नी सवार थे, जो रामपुर मनिहारान में एक रिश्तेदारी के सिलसिले में गए थे और वापस लौट रहे थे। जैसे ही दोनों बाइकें खुडाना नहर पुल के समीप पहुंचीं, आमने-सामने टकरा गईं। दुर्घटना के तुरंत बाद डायल 112 टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली, राहगीरों की मदद से घायलों को उठाया, ट्रैफिक को नियंत्रित किया और बिना देर किए सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। पुलिसकर्मियों ने पूरी संवेदनशीलता के साथ घायलों को वाहन में लिटाया और प्राथमिक उपचार में सहयोग किया। चिकित्सकों ने प्रताप सिंह सैनी और बबलू सैनी को मृत घोषित कर दिया, जबकि प्रवीन, सोनू और सन्नी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही थाना नानौता पुलिस भी तत्काल सक्रिय हो गई। थानाध्यक्ष नवीन कुमार सैनी के निर्देशन में पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शवों का पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम की कार्यवाही सुनिश्चित कराई। पुलिस ने शोकग्रस्त परिजनों को ढांढस बंधाया और मौके पर भीड़ को नियंत्रित कर व्यवस्था बनाए रखी। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित और मानवीय कार्यप्रणाली की खुलकर सराहना की कि समय रहते पहुंचकर उन्होंने राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि मृतक प्रताप सिंह सैनी की बेटी की शादी महज दस दिन बाद होनी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन एक झटके में खुशियां मातम में बदल गईं। गांव अन्नतमऊ में जैसे ही मौत की खबर पहुंची, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों ने खुडाना नहर पुल की स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुल के पास सड़क संकरी है, पर्याप्त रोशनी नहीं है और चेतावनी संकेतों की कमी रहती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को उजागर किया है। हालांकि इस त्रासदी के बीच पुलिस की तत्परता ने यह साबित किया कि आपात स्थिति में कानून व्यवस्था तंत्र सक्रिय और संवेदनशील है। घायलों की जान बचाने के लिए समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना, भीड़ नियंत्रण, कानूनी प्रक्रिया और परिजनों को सहारा देना—इन सभी पहलुओं में पुलिस की भूमिका सराहनीय रही। यह हादसा जहां दो परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति बन गया, वहीं समाज को यह संदेश भी दे गया कि सड़क पर सावधानी और प्रशासनिक सतर्कता दोनों ही जीवन रक्षक साबित हो सकते हैं।
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
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