
विजय कुमार भारद्वाज, मुंबई
भायंदर उत्तन–गोराई का ‘The Focus City’ बना गुंडागर्दी का अड्डा? शूटिंग के नाम पर डराने-धमकाने का काला खेल!

मुंबई /महाराष्ट्र: मायानगरी में जहां एक ओर कलाकार अपने सपनों को हकीकत में बदलने आते हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तन–गोराई बेल्ट में स्थित “द फोकस सिटी, लोकेशन स्टूडियो'”(The Focus City – Location Studio’) से रोंगटे खड़े कर देने वाली खबरें सामने आ रही हैं। आरोप है कि यहां रचनात्मकता के नाम पर ‘वसूली’ और ‘दलाली’ का साम्राज्य चलाया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में एक म्यूज़िक एल्बम और शॉर्ट फिल्म की शूटिंग के दौरान वहां मौजूद प्रोडक्शन टीम के साथ जो हुआ, उसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पीड़ित टीम का आरोप है कि भारी-भरकम फीस भरने के बाद भी उन्हें वहां ‘अपराधियों’ जैसा अहसास कराया गया।
मुख्य आरोप जो सामने आए हैं:
दलाली का जाल: स्टूडियो मैनेजमेंट पर आरोप है कि वे प्रोडक्शन टीमों को अपने चंगुल में फंसाकर उनसे अवैध तरीके से अतिरिक्त पैसों की मांग करते हैं।
एंट्री बैन और बदसलूकी: “बाहर मिलो, अंदर नहीं आ सकते”—यह जुमला वहां का ट्रेडमार्क बन चुका है। अपनी ही टीम के लोगों को अंदर बुलाने पर रोक लगाई जाती है।
सीधी धमकियां: काम रोकने और सेट से बाहर फेंकने की धमकियां देना यहां आम बात हो गई है।
जब मीडिया ने घेरा, तो उतरा ‘शालीनता’ का नकाब!
जब हमारे संवाददाता और प्रोजेक्ट से जुड़े सदस्यों ने इन अनियमितताओं पर सवाल उठाए, तो स्टूडियो का तथाकथित ‘प्रभारी’ आगबबूला हो गया। सहयोग करने के बजाय उसने चिल्लाते हुए कहा:
”निकल जाओ यहां से! मेरे पास बहुत काम है, तुम्हारे जैसे दो-चार चले भी गए तो मुझे फर्क नहीं पड़ता!”
यह अहंकार और यह भाषा साफ इशारा करती है कि इस ‘लोकेशन माफिया’ को किसी बड़े रसूखदार व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है।
भ्रष्टाचार का ‘लोकेशन’: अवैध निर्माण और साठगांठ?
स्थानीय सूत्रों और जांच में यह कड़वा सच उभर कर आया है कि ‘The Focus City’ शायद ही नियमों के तहत चल रहा हो।
अवैध कब्जा: क्या यह जगह नगरपालिका की अनुमति के बिना बनाई गई है?
नेताओं का हाथ: क्या स्थानीय नेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से यह वसूली का धंधा फल-फूल रहा है?
टैक्स की चोरी: शूटिंग के लिए ली जाने वाली मोटी रकम का कोई आधिकारिक हिसाब-किताब नहीं दिया जाता।
मांग: अब आर-पार की लड़ाई!
इंडस्ट्री के छोटे और मध्यम स्तर के प्रोड्यूसर अब एकजुट हो रहे हैं। प्रशासन से मांग है कि:
इस स्टूडियो के लाइसेंस और निर्माण पत्र की तुरंत जांच हो।
वहां काम करने वाले बाउंसरों और स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाए।
CCTV फुटेज खंगाले जाएं ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
सावधान प्रोड्यूसर, सावधान डायरेक्टर!
”अगर आप भी अपनी अगली शूटिंग के लिए ‘The Focus City’ या इसके आसपास की लोकेशन देख रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। आपकी मेहनत की कमाई और आपकी टीम की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। ऐसे माफियाओं का बहिष्कार करें!”
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