

शिक्षा जगत में कैमूर-रोहतास का बढ़ा मान, जितेंद्र पांडे बने पीएचडी धारक
जीवन रक्षक दवाओं पर शोध कर डॉ. जितेंद्र पांडे ने हासिल की बड़ी सफलता
रोहतास/कैमूर:
शिक्षा और शोध के क्षेत्र में रोहतास जिले के लिए गर्व की खबर सामने आई है। शिवसागर थाना क्षेत्र के मौनी गांव निवासी एवं सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर विजय शंकर पांडे के पुत्र जितेंद्र पांडे को मगध विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है तथा परिजनों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है।
डॉ. जितेंद्र पांडे ने रसायन शास्त्र विषय में “एनालिटिकल स्टडीज ऑन सम लाइफ सेविंग ड्रग्स” विषय पर अपना शोध कार्य पूरा किया। उनका शोध जीवन रक्षक दवाओं के विश्लेषणात्मक अध्ययन पर आधारित है, जिसे चिकित्सा और विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अपनी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए डॉ. पांडे ने कहा कि आज के समय में गंभीर बीमारियों और आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक दवाओं की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। उन्होंने बताया कि उनका शोध इन दवाओं के सही एवं प्रभावी उपयोग को लेकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में किया गया प्रयास है, जिससे चिकित्सा क्षेत्र को लाभ मिल सके।
वर्तमान में डॉ. जितेंद्र पांडे कैमूर जिले के दुर्गावती महाविद्यालय, बिछिया (डुमरी) में रसायन शास्त्र विभाग में सहायक प्राध्यापक सह नोडल अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ शोध और विज्ञान के प्रति भी प्रेरित कर रहे हैं। उनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराकर उन्हें उच्च मुकाम तक पहुंचाना है।
डॉ. पांडे की इस उपलब्धि पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुषमा सिंह सहित शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।





