
महासमुंद, 21 मई 2026 — जिला प्रशासन ने जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण और उनके विकास को नई गति देने के लिए एक अनुकरणीय पहल शुरू की है।

जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत कलेक्टर विनय कुमार लंगेह स्वयं दूरस्थ जनजातीय गांवों में पहुंचे और ‘ट्रांजेक्ट वॉक’ कर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने बागबाहरा विकासखंड के जोरातराई और रैताल गांवों में पैदल घूमकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर लंगेह गांव की संकरी गलियों, बस्तियों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचे। वहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ खुले में चौपाल लगाई और उनकी समस्याओं को बिना किसी फिल्टर के सुना। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी व्यथाएं रखीं। पेयजल की गंभीर समस्या, खराब सड़कों की मरम्मत, युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की कमी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की दयनीय स्थिति तथा सरकारी योजनाओं का लाभ न मिल पाने जैसे अनेक मुद्दे सामने आए। कलेक्टर का सख्त संदेश ट्रांजेक्ट वॉक के दौरान कलेक्टर लंगेह ने स्पष्ट कहा, “जनजातीय क्षेत्रों का विकास कागजी योजनाओं से नहीं, बल्कि गांवों की जमीनी हकीकत को समझकर ही संभव है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन को अब कागजों से निकलकर गांवों तक पहुंचना होगा, ताकि योजनाएं वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार की जा सकें। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को विभिन्न समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए। पेयजल व्यवस्था, सड़क निर्माण, स्कूलों की बेहतरी, आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत करने, स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने और स्थानीय आजीविका संसाधनों को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर फोकस किया गया। कलेक्टर ने ग्रामीणों के सुझावों को भी गंभीरता से लिया और विकास कार्ययोजनाओं को अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बनाने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों में उत्साह का माहौल पहली बार अपने गांव में इतने बड़े प्रशासनिक अधिकारियों को देखकर ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कई बुजुर्गों और युवाओं ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए कहा कि आज तक उनकी बात प्रशासन तक नहीं पहुंच पाती थी, लेकिन आज सीधा संवाद होने से उन्हें भरोसा हुआ है। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, जनपद पंचायत सीईओ मंडावी, सहायक आयुक्त शिल्पा साय समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी उपस्थित रहे। विशेष अभियान जारी जनजातीय गरिमा उत्सव के अंतर्गत 21 मई से 25 मई तक जिले के सभी जनजातीय प्रभावित गांवों में विशेष जनसुनवाई अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान और चल रही विकास योजनाओं की जमीनी समीक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की इस पहल को स्थानीय स्तर पर सराहा जा रहा है। यह प्रयास न केवल जनजातीय समुदायों के बीच विश्वास बढ़ाएगा, बल्कि जिले में समावेशी विकास की मजबूत नींव भी रखेगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि विकास की योजनाएं अब “गांव से गांव” तक पहुंचें, न कि केवल फाइलों तक सीमित रहें।





