A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरे

गढ़वा: हड़ताली मनरेगा कर्मियों को उपायुक्त का कड़ा अल्टीमेटम, 2 दिनों में काम पर न लौटने पर होगी कानूनी कार्रवाई

गढ़वा जिले में पिछले तीन महीनों से हड़ताल पर चल रहे मनरेगा कर्मियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। गढ़वा के उपायुक्त (DC) पशुपतिनाथ मिश्रा ने हड़ताली कर्मियों को दो दिनों के भीतर काम पर लौटने का अंतिम निर्देश जारी किया है। उपायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेश जारी होने की तिथि से दो दिनों के भीतर जो भी कर्मी सेवा पर वापस नहीं लौटेंगे, उनके विरुद्ध विधि-सम्मत (कानूनी) और उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

🚫 ठप पड़ा है विकास कार्य, लक्ष्य से पिछड़े

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिले के कई मनरेगा कर्मी विगत मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस लंबी हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ा है। आंकड़ों के मुताबिक, कर्मियों की अनुपस्थिति के चलते मार्च, अप्रैल और मई 2026 में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले काफी कम ‘मानव दिवस’ (Man-days) का सृजन किया जा सका है, जिससे विकास की रफ्तार धीमी पड़ गई है।

⚠️ ग्रामीणों के रोजगार पर संकट

उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने योजना की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) एक पूर्णतः मांग-आधारित योजना है। इसके तहत ग्रामीण मजदूरों द्वारा काम की मांग किए जाने के महज 15 दिनों के भीतर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना प्रशासन की कानूनी बाध्यता है।

“कर्मियों की इस अनिश्चितकालीन हड़ताल की वजह से ग्रामीणों को समय पर रोजगार मुहैया कराने में भारी कठिनाई आ रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”

— पशुपतिनाथ मिश्रा, उपायुक्त (गढ़वा)

⚖️ विभागीय निर्देश के बाद लिया गया फैसला

विभागीय निर्देशों और ग्रामीण हितों को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने यह सख्त आदेश जारी किया है। प्रशासन का मानना है कि मानसून के आगमन से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की मांग सबसे अधिक होती है, ऐसे में कर्मियों का हड़ताल पर रहना सीधे तौर पर गरीब ग्रामीणों के हक को प्रभावित कर रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन के इस कड़े रुख के बाद हड़ताली कर्मी तय समय-सीमा में काम पर वापस लौटते हैं या नहीं।

📞 जनहित में जारी आपातकालीन संपर्क नंबर:

प्रशासन द्वारा आम जनता की सुविधा के लिए निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर्स भी जारी रखे गए हैं:

पुलिस हेल्पलाइन नंबर: 112

झार जल टोल फ्री नंबर: 1800-3456-502

झार जल व्हाट्सऐप नंबर: 9470176901

[yop_poll id="10"]
Show More
Back to top button
error: Content is protected !!