
- लोक अदालत सस्ते न्याय का सशक्त माध्यम : सचिव अमित सिहाग

जींद : जिला मुख्यालय में स्थित न्यायिक परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार चेक बाउंस धारा 138 एन आई एक्ट से संबंधित विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया । लोक अदालत कार्यक्रम की देखरेख जिला एवं सत्र न्यायाधीश कम चेयरपर्सन श्रीमती पूनम सुनेजा ने की। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अमित सिहाग ने बताया कि विशेष लोक अदालत में श्रीमती पूनम सुनेजा जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जयवीर सिंह अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मैडम शिफा करण सिंह अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सौरभ गुप्ता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मैडम जसबीर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, मैडम मोनिका मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, विवेक सिंह प्रथम श्रेणी जुडिशल मजिस्ट्रेट, श्री परमिंदर सिंह प्रथम श्रेणी जुडिशल मजिस्ट्रेट, जश्नप्रीत सिंह प्रथम श्रेणी जुडिशल मजिस्ट्रेट, मैडम महक प्रथम श्रेणी जुडिशल मजिस्ट्रेट, मैडम श्रीस्प्रीत कौर प्रथम श्रेणी जुडिशल मजिस्ट्रेट जींद, योगेश कौशिक प्रथम श्रेणी जुडिशल मजिस्ट्रेट , संदीप कुमार जुडिशल मजिस्ट्रेट नरवाना, अश्विन गुप्ता प्रथम श्रेणी जुडिशल मजिस्ट्रेट नरवाना, मैडम एकमजोत कौर, प्रथम श्रेणी जुडिशल मजिस्ट्रेट, नरवाना, अमनदीप जुडिशल मजिस्ट्रेट सफीदों , अमित नैन प्रथम श्रेणी जुडिशल मजिस्ट्रेट सफीदों , मैडम अनीशा रानी प्रथम श्रेणी जुडिशल मजिस्ट्रेट सफीदों के बेंच गठित किए गए।
विशेष लोक अदालत में कुल 199 मामले रखे गए इनमें से 51 मामलों का मौके पर ही निपटा किया गया इसमें 15 करोड़ 51 लाख 75 हजार 345 रुपए की राशि का सेटलमेंट किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अमित सिहाग ने कहा कि लोक अदालत का लाभ अधिक से अधिक लोगों को उठाना चाहिए, क्योंकि लोक अदालत के मामले का निपटारा आपसी सहमति से होता है । जिससे व्यक्ति को समय व धन की बचत होती है व आपसी सौहार्द भी बना रहता है । उन्होंने सभी पीठासिन अधिकारियों लोक अदालत में कार्यरत सभी कर्मचारी व अधिवक्ताओं को लोक अदालत के सुचारू रूप से संचालन के लिए सराहना की। प्राधिकरण सचिव ने बताया कि दिनांक 18 जुलाई को चेक बाउंस एन आई एक्ट से संबंधित मामलों के निस्तारण हेतु विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित पक्षकारों, अधिवक्ताओं एवं बैंक/वित्तीय संस्थानों से अनुरोध किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने मामलों का शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण निपटारा करवाएं।








