
हिमांशु दीक्षित, कानपुर। भारतीय जनता पार्टी (कानपुर उत्तर, दक्षिण और ग्रामीण) के संयुक्त तत्वावधान में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर श्याम नगर स्थित परिणय गेस्ट हाउस में गोष्ठी और प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया।
दिनेश शर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत आपातकाल पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का फीता काटकर किया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल लोकतंत्र पर किया गया अब तक का सबसे बड़ा प्रहार था। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सत्ता बचाने के लिए संविधान की मूल भावना को कुचलते हुए देशवासियों के मौलिक अधिकारों का हनन किया। उस दौरान प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई और विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं व हजारों लोकतंत्र सेनानियों को बिना किसी अपराध के जेल में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा आज की नई पीढ़ी को आपातकाल की सच्चाई से अवगत करा रही है, ताकि समाज में जागरूकता बनी रहे और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
कार्यक्रम के दौरान 31 लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सेनानियों ने आपातकाल में जेल में बिताए गए अपने संघर्ष के दिनों के संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने यातनाएं सहने के बावजूद अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।कार्यक्रम में कानपुर दक्षिण के जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह, कानपुर उत्तर के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित और कानपुर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष उपेंद्र पासवान ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।इस अवसर पर मुख्य रूप से रघुनंदन भदौरिया, सुरेश अवस्थी, गणेश शुक्ला, जसविंदर सिंह, राम बहादुर यादव, हितेश द्विवेदी, गौरव चतुर्वेदी, जिला मीडिया प्रभारी संजीव बेरी, आशीष साहू, मधु तिवारी, प्रवीण मिश्रा, एल.बी. सिंह पटेल, नीरज, शशांक मिश्रा भदौरिया, तेज बहादुर सिंह, ममता राजपूत, अमन शुक्ला, वंदना गुप्ता, जितेंद्र सचान, जितेंद्र सिंह, राजन चौहान, भावना उदानी, भारत छट्टानी, रोली तिवारी और हरिशंकर शुक्ला सहित तीनों जिलों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।











