

मकराना। वर्ष 2015 में जय शिव चौक स्थित सांडशाला से शुरू हुई युवा हिन्दू गौ रक्षा सेवा समिति, मकराना की गौसेवा यात्रा आज सेवा का एक विशाल जनआंदोलन बन चुकी है। प्रारंभिक वर्षों में समिति ने सीमित संसाधनों के बीच घायल, बीमार एवं असहाय गोवंश की सेवा का संकल्प लिया। इसके बाद गोपाल गौशाला द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि पर मंगलाना रोड स्थित गौमाता सर्किल के पास आधुनिक गौवंश चिकित्सालय की स्थापना की गई, जहाँ आज 150 से अधिक घायल, बीमार एवं असहाय गौवंश, सांड एवं पक्षियों का उपचार, संरक्षण एवं समुचित देखभाल की जा रही है।
रविवार को समिति ने अपना 11वाँ स्थापना दिवस श्रद्धा, सेवा और संकल्प के साथ मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ गौमाता के विधिवत पूजन-अर्चन से हुआ। इसके पश्चात चिकित्सालय में उपचाराधीन गौवंश को हरा चारा एवं गुड़ खिलाकर उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई।
स्थापना दिवस के अवसर पर समिति में वर्षों से समर्पित भाव से सेवा दे रहे कर्मचारियों का दुपट्टा ओढ़ाकर एवं मिठाई खिलाकर सम्मान किया गया। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पिछले 11 वर्षों की गौरवशाली सेवा यात्रा का अवलोकन किया तथा गौसेवा को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने के लिए आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि घायल, विकलांग एवं दृष्टिहीन गौवंश के लिए अलग से अत्याधुनिक विशेष वार्ड का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही चिकित्सालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, तुलादान की स्थायी व्यवस्था विकसित की जाएगी, एम्बुलेंस वाहनों के लिए टीनशेड का निर्माण किया जाएगा तथा आधुनिक चिकित्सा उपकरणों एवं संसाधनों की व्यवस्था कर उपचार सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा।
समिति ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में 7000 से अधिक घायल, बीमार एवं असहाय गौवंश, सांड, पक्षियों एवं अन्य पशुओं का सफल उपचार एवं संरक्षण किया जा चुका है। वर्तमान में चिकित्सालय में 150 से अधिक पीड़ित गोवंश एवं पक्षियों की सेवा निरंतर जारी है।
समिति द्वारा संचालित चिकित्सालय में 2 एम्बुलेंस, 2 आईसीयू वार्ड, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, 3 सामान्य वार्ड, कंट्रोल रूम, मेडिसिन स्टोर, स्टाफ विश्राम कक्ष सहित अनेक आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त संतों के लिए अलग कक्ष, पक्षियों हेतु चुग्गा दान गृह, छोटे पशु-पक्षियों के लिए विशेष पिंजरे तथा मौसम के अनुरूप कूलर, पंखे, हीटर एवं गीजर जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं। परिसर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर पौधारोपण एवं हरित विकास किया गया है।
समिति ने बताया कि मंगलाना रोड स्थित गौमाता सर्किल के पास लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त विशाल गौवंश चिकित्सालय का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसका 70 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। इस सेवा प्रकल्प को साकार करने में क्षेत्र के भामाशाहों, गौभक्तों एवं समाजसेवियों का निरंतर सहयोग मिल रहा है।
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि 11 वर्षों की यह सेवा यात्रा समाज के विश्वास, गौभक्तों के सहयोग एवं कार्यकर्ताओं के समर्पण का परिणाम है। आने वाले समय में समिति गौवंश चिकित्सा एवं संरक्षण के क्षेत्र में और अधिक आधुनिक सुविधाएँ विकसित कर पीड़ित एवं असहाय गौवंश की सेवा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
इस अवसर पर संरक्षक ठाकुर मोहन सिंह चौहान, विजय कुमार लड्डा, संस्थापक पूरणमल (सुरेश कुमावत), अध्यक्ष अंकित तंवर, उपाध्यक्ष प्रवीण चौहान, श्याम सिंह गुणावती, राजू जांगिड़, रमेश बागड़ी, नवीन सोलंकी, बाबूलाल सोलंकी, उमेद चौधरी, धर्मवीर गुर्जर, शिवकरण गुर्जर, पशुधन सहायक मुकेश रैगर, पूनमचंद मेघवाल, हेमराज प्रजापत सहित समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।











