
सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, उद्योग और प्रशासन से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने निर्णय लिया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त विशेषज्ञ चिकित्सकों को कम से कम तीन वर्ष तक ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देना अनिवार्य होगा। इससे ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में छोटे आईटी हब (आईटी क्लस्टर) विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। कृषि क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने कहा कि एमएसपी पर खरीदी गई गेहूं, धान, बाजरा और ज्वार की वह उपज, जिसे केंद्र सरकार केंद्रीय पूल में शामिल नहीं करेगी, उसकी राज्य सरकार नीलामी करेगी। इससे भंडारण और परिवहन पर होने वाला अतिरिक्त खर्च कम होगा। इसके अलावा, सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े वर्षों पुराने भुगतान विवाद के समाधान की जानकारी भी दी गई। वहीं करीब 10 साल बाद प्रदेश में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने पर मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।





