


लखीमपुर खीरी, 1 अगस्त। उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत खीरी पुलिस की प्रभावी पैरवी और अभियोजन विभाग के समन्वित प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। पुलिस अधीक्षक खीरी के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के निकट पर्यवेक्षण में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की मजबूत पैरवी के चलते जनपद के तीन अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
पहले मामले में वर्ष 2023 में कोतवाली सदर क्षेत्र से एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए आरोपी नूरअहमद उर्फ घुम्मन को एडीजे-एफटीसी न्यायालय ने दोषसिद्ध करते हुए जेल में बिताई गई अवधि के कारावास के साथ 3,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस मामले में लोक अभियोजक संदीप मिश्रा एवं कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल आजाद सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दूसरे मामले में थाना हैदराबाद में वर्ष 2007 में चोरी का माल बरामद होने के प्रकरण में आरोपी शिवदयाल को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जूनियर डिवीजन)/एफटीसी (सीएडब्ल्यू) न्यायालय ने दोषी मानते हुए जेल में बिताई गई अवधि के कारावास एवं 1,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मुकदमे में लोक अभियोजक हरिओम तथा कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल आशीष कुमार ने प्रभावी पैरवी की।
तीसरे मामले में वर्ष 2007 के चोरी से जुड़े मुकदमे में भी थाना हैदराबाद के आरोपी शिवदयाल को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए जेल में बिताई गई अवधि के कारावास तथा 1,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस प्रकरण में भी लोक अभियोजक हरिओम एवं कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल आशीष कुमार की प्रभावी पैरवी से अभियोजन पक्ष को सफलता मिली।
खीरी पुलिस ने बताया कि “ऑपरेशन कनविक्शन” के तहत अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए लगातार प्रभावी पैरवी की जा रही है, जिससे अपराधियों में कानून का भय बना रहे और आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हो।




