दारोगा, लेखपाल, सचिव समेत पांच सस्पेंड
गौरीबाजार के लवकनी गांव में डा. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा रखने के विवाद में हुआ पथरावडीएम व एसपी ने उठाया सख्त कदम, प्रशासक (ग्राम प्रधान) को दिया कारण बताओ नोटिस
खलिहान की भूमि पर बिना अनुमति ना अनुमति डा. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा रखने के बाद पथराव व बवाल के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम व एसपी ने कर्मचारियों को दोषी मानते हुए कार्रवाई शुरू की है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर दारोगा, दो सिपाही, लेखपाल व ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासक (ग्राम प्रधान) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
गौरी बाजार थाना क्षेत्र के लवकनी गांव में खलिहान की भूमि पर बिना अनुमति कुछ लोग चबूतरा बनवा कर डा. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा रख रहे थे। जानकारी पर मंगलवार को एसडीएम रुद्रपुर, सीओ मौके पर पहुंचे और प्रतिमा रख रहे लोगों को समझाकर रोक दिया। एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बुधवार को प्रतिमा के सामने लोग धूप-अगरबत्ती जलाते रहे। गुरुवार को दिन में अचानक ग्रामीण उग्र हो गए और गांव में तैनात पुलिस कर्मियों पर पत्थराव शुरू कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पथराव में कई पुलिस कर्मियों को चोटें आईं। एसपी ने मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए उपनिरीक्षक अरविंद यादव, दीवान रमेश यादव व एलआइयू के सिपाही नागेश्वर सिंह को निलंबित कर दिया है। एसडीएम रुद्रपुर राज कुमार गुप्ता ने लेखपाल अरविंद कुमार को लापरवाही में निलंबित कर दिया। जिला पंचायत राज अधिकारी रतन
कुमार ने ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) संजीव कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया है। डीएम ने प्रशासक (ग्राम प्रधान) दुर्गावती चौहान को खलिहान की भूमि पर कब्जे को लेकर नोटिस जारी किया है। गांव में करीब 10 थानों की पुलिस तैनात है।
एसपी अभिजीत आर शंकर ने बताया कि लापरवाह पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई है। गांव में शांति व्यवस्था कायम है। एडीएम प्रशासन प्रेम नारायण सिंह ने बताया कि लेखपाल व ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है, वहीं प्रशासक (ग्राम प्रधान) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।



