
नारनौल में मासिक गौ सवामणी का भव्य आयोजन, गौमाता को हरि चरी एवं हरि सब्जी खिलाकर की गई सेवा
नारनौल | वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज
“जय गौमाता, जय गौपाल” के उद्घोष के साथ श्री गौ गौपाल प्रचार एवं असहाय सेवा संस्थान (रजि.) नारनौल द्वारा मासिक गौ सवामणी कार्यक्रम का आयोजन श्री अनाथ गौशाला, नारनौल में श्रद्धा एवं भक्ति भाव से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गौभक्तों एवं संस्था के पदाधिकारियों ने भाग लेकर गौसेवा का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य मनीष शास्त्री के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। संस्था के मुख्य यजमान मनोज अग्रवाल, प्रदीप संघी एवं उनके परिवार सहित संस्था के सदस्यों ने भगवान गणेश एवं अन्य देवी-देवताओं के पूजन के उपरांत गौमाता का विधिवत पूजन एवं आरती की।
इसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने गौमाता को हरि चरी एवं हरि सब्जी खिलाकर गौसेवा की। कार्यक्रम का वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक बना रहा।
इस अवसर पर श्री अनाथ गौशाला के संरक्षक सुनील यादव, प्रधान उज्जन पाल, उपप्रधान अजीत यादव, सचिव खेमचंद शर्मा तथा कोषाध्यक्ष संतोष कुमार ने आचार्य मनीष शास्त्री का पगड़ी एवं दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान एवं अभिनंदन किया।
अपने संबोधन में आचार्य मनीष शास्त्री ने कहा कि गौमाता में समस्त देवी-देवताओं का निवास माना गया है, इसलिए प्राचीन काल से ही गौसेवा को सर्वोच्च पुण्य का कार्य माना जाता रहा है। उन्होंने पंचगव्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में पंचगव्य को अत्यंत उपयोगी माना गया है और इसके विभिन्न उपयोगों पर वैज्ञानिक स्तर पर भी अध्ययन किए गए हैं।
संस्था के सह-कोषाध्यक्ष विनोद सोनी ने श्री अनाथ गौशाला की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां गौवंश की देखभाल अत्यंत व्यवस्थित एवं अनुकरणीय ढंग से की जा रही है। उन्होंने सभी गौभक्तों से गौसेवा के लिए आगे आने और समाज में गौसंरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर गौशाला प्रबंधन समिति ने श्री गौ गौपाल प्रचार एवं असहाय सेवा संस्थान के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग एवं सहभागिता बनाए रखने की अपेक्षा व्यक्त की।
🔹 प्रमुख बिंदु
- श्री अनाथ गौशाला, नारनौल में मासिक गौ सवामणी का आयोजन।
- गौमाता का वैदिक विधि-विधान से पूजन एवं आरती।
- हरि चरी एवं हरि सब्जी खिलाकर की गई गौसेवा।
- आचार्य मनीष शास्त्री का गौशाला प्रबंधन द्वारा सम्मान।
- गौसंरक्षण एवं गौसेवा का दिया गया प्रेरणादायी संदेश।





