तीन दिन पहले हुई भीषण टक्कर में घायल प्रिंस साहनी ने भी तोड़ा दम
खेसरहा। बांसी-धानी मार्ग पर कलनाखोर और मदुवापुर गांव के बीच मंगलवार को हुई भीषण सड़क दुर्घटना में घायल दूसरे युवक प्रिंस साहनी ने भी शुक्रवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 25 वर्षीय प्रिंस साहनी बांसी थाना क्षेत्र के देवपुर गांव के रहने वाले थे। गंभीर हालत में उन्हें सिद्धार्थनगर स्थित माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। इस हादसे में इससे पहले संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के झौवा कोमर गांव निवासी नितेश मौर्य की भी उपचार के दौरान मौत हो चुकी थी। एक ही सड़क दुर्घटना में दो युवकों की मौत के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

पुलिस ने प्रिंस साहनी के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे में घायल अन्य तीन लोगों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।
आमने-सामने भिड़ गई थीं दोनों बाइकें
मंगलवार को बांसी-धानी मार्ग पर कलनाखोर और मदुवापुर गांव के बीच दो बाइकें आमने-सामने टकरा गई थीं। बताया गया कि नितेश मौर्य अपने साथी अखिलेश मौर्य के साथ बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान सामने से बांसी थाना क्षेत्र के देवपुर निवासी प्रिंस साहनी अपनी पत्नी प्रीति और साथी श्यामराजी के साथ बाइक से आ रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों बाइकें तेज रफ्तार में थीं। इसी दौरान दोनों के बीच जोरदार आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं और उन पर सवार पांचों लोग सड़क पर दूर-दूर जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायलों को संभाला और पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर पहुंची पुलिस, अस्पताल भेजे गए घायल
हादसे की जानकारी मिलते ही सकारपार चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए नितेश मौर्य और अखिलेश मौर्य को महराजगंज मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जबकि प्रिंस साहनी, उनकी पत्नी प्रीति और साथी श्यामराजी को सिद्धार्थनगर स्थित माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
हादसे में नितेश मौर्य की हालत बेहद गंभीर थी। उपचार के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया था। वहीं, दूसरी ओर प्रिंस साहनी की हालत भी गंभीर बनी हुई थी और वह कई दिनों से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे।
तीन दिन तक जिंदगी से जूझते रहे प्रिंस
मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की टीम प्रिंस साहनी के इलाज में जुटी थी। परिजन भी उनकी हालत में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन शुक्रवार को इलाज के दौरान प्रिंस ने भी दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रिंस की मौत की सूचना गांव पहुंचते ही देवपुर में भी शोक की लहर दौड़ गई। जिस हादसे में एक परिवार ने पहले नितेश को खोया था, उसी दुर्घटना में अब प्रिंस की मौत से दूसरे परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
तीन घायलों का इलाज जारी
इस दुर्घटना में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। नितेश मौर्य और प्रिंस साहनी की जान चली गई, जबकि हादसे में घायल अखिलेश मौर्य का इलाज महराजगंज मेडिकल कॉलेज में जारी है। वहीं, प्रीति और श्यामराजी का उपचार सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। चिकित्सकों की निगरानी में घायलों का उपचार किया जा रहा है।
हादसे ने फिर खड़े किए सड़क सुरक्षा पर सवाल बांसी-धानी मार्ग पर हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसके बावजूद वाहनों की तेज रफ्तार पर नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटना संभावित स्थानों को चिह्नित कर वहां आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। साथ ही वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने और तेज रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जाए।
एक ही सड़क हादसे में दो युवकों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। नितेश के बाद प्रिंस की मौत ने दोनों परिवारों को ऐसी अपूरणीय क्षति दी है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। हादसे के बाद गांवों में मातम पसरा हआ है और परिजनों की आंखों से आसू गिर रहे हैं।
अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
एसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने बताया कि 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दृष्टिगत थाना क्षेत्रों में पड़ने वाले संवेदनशील स्थानों पर गश्त, पिकेट और चेकिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख कार्यक्रमों और आयोजनों को सकुशल संपन्न कराने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक, सभी क्षेत्राधिकारियों, प्रभारी निरीक्षकों और थानाध्यक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि महत्वपूर्ण बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, होटल, सराय और ढाबों की भी नियमित चेकिंग कराई जा रही है। नेपाल बॉर्डर से जुड़े थाना क्षेत्रों में एसएसबी के साथ पुलिस लगातार संयुक्त रूप से चेकिंग और पेट्रोलिंग कर रही है। एसओजी, सर्विलांस, एंटी स्मगलिंग ड्राइव, एंटी थेफ्ट और कस्टम की संयुक्त टीमें भी सक्रिय हैं।
स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता से साफ है कि सीमा क्षेत्र में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि से निपटने के लिए सुरक्षा तंत्र पूरी तरह तैयार है।


