
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ:
स्थापना के समय से ही विवादों में रहे गडचिरोली के शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय के प्रशासन में बड़ा फेरबदल किया गया है।
महाराष्ट्र शासन के वैद्यकीय शिक्षा व औषधी द्रव्य विभाग ने 18 अगस्त को आदेश जारी कर अधिष्ठाता डॉ. अविनाश टेकाडे के पास मौजूद अतिरिक्त कार्यभार वापस ले लिया है। अब यह जिम्मेदारी चंद्रपुर शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय के सूक्ष्मजीवशास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ. राजेंद्र सुरपाम को सौंपी गई है।
क्यों हटाए गए डॉ. टेकाडे?
1. जिला सर्जन से विवाद : जिला अस्पताल में मरीजों की सेवा को लेकर जिला शल्य चिकित्सक और अधिष्ठाता के बीच पत्राचार हुआ था। 29 क्लिनिकल प्रोफेसरों की सेवा को लेकर जिला सर्जन ने डॉ. टेकाडे की भूमिका पर आपत्ति जताई थी।
2. विधायकों की जांच में अनुपस्थिति: जून 2026 में विधायकों के निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए थे और मरीजों की सेवा को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
3. लगातार शिकायतें : कॉलेज की व्यवस्थापन और रोगी सेवा की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे थे।
नए प्रभारी के सामने चुनौती
डॉ. राजेंद्र सुरपाम अब चंद्रपुर में अपने मूल पद की जिम्मेदारी संभालते हुए अगले आदेश तक गडचिरोली मेडिकल कॉलेज के डीन पद का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। उनके सामने कॉलेज का प्रशासन सुचारू करना, रोगी सेवा में सुधार करना और वैद्यकीय शिक्षा का स्तर बढ़ाना बड़ी चुनौती होगी।







