

वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज गाजीपुर
गाजीपुर। बरेसर थाना क्षेत्र के सिपाह गांव में 21 अगस्त को 26 वर्षीय प्रमोद राजभर की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों में से एक की निशानदेही पर कथित तौर पर हत्या में प्रयुक्त बांस की लाठी भी बरामद की है। पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है।
पिता की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार, मृतक प्रमोद राजभर के पिता रविन्द्र राजभर की तहरीर के आधार पर थाना बरेसर में मु0अ0सं0 169/2026 दर्ज किया गया था। मुकदमे में धारा 103(1), 352 एवं 351(3) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई थी। घटना के बाद से ही पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले के अनावरण का दावा करते हुए चार वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई—
– मुन्ना राजभर उर्फ राजकुमार, उम्र 47 वर्ष
– शिवकुमार राजभर, उम्र 45 वर्ष
– बृजेश राजभर, उम्र 22 वर्ष
– अंदीप कुमार, उम्र 21 वर्ष
पुलिस के मुताबिक, चारों आरोपी ग्राम सिपाह, थाना बरेसर, जनपद गाजीपुर के निवासी हैं।
निशानदेही पर बरामद हुई बांस की लाठी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मुन्ना राजभर उर्फ राजकुमार की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बताई जा रही बांस की लाठी बरामद की गई है। पुलिस ने बरामदगी को विवेचना की दृष्टि से महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है।
थानाध्यक्ष के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थानाध्यक्ष बरेसर ओमप्रकाश ने हमराह पुलिसकर्मियों के साथ कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
विवेचना में सामने आएंगे अन्य तथ्य
चार आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित आला कत्ल की बरामदगी के बाद सिपाह हत्याकांड की जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। हालांकि, हत्या के पीछे की पूरी वजह, घटना का क्रम और अन्य संभावित पहलुओं को लेकर पुलिस की विवेचना अभी जारी है। मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोट: आरोपियों के संबंध में लगाए गए आरोप पुलिस की गिरफ्तारी और विवेचना पर आधारित हैं। अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय के निर्णय के अधीन होगी।



