

- थाना सिटी कोतवाली की निष्क्रियता से तंग आकर कोर्ट पहुंचा पीड़ित व्यापारी
एसपी, कलेक्टर और नए सीएम पोर्टल पर शिकायतें भी साबित हुईं बेअसर; ठगी, गाली-गलौज और परिवार को जान से मारने की धमकी से खौफ में व्यापारी
बलौदाबाजार।
स्थानीय सिटी कोतवाली पुलिस, पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय, कलेक्टर दफ्तर से लेकर राज्य सरकार द्वारा जनसमस्याओं के निवारण हेतु हाल ही में लॉन्च किए गए ‘सीएम जन शिकायत पोर्टल’ तक बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो न्याय की उम्मीद खो चुके एक स्थानीय व्यापारी को आखिरकार अदालत की शरण में जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। पुलिस और प्रशासनिक तंत्र की घोर अनदेखी से प्रताड़ित होकर व्यापारी ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) बलौदाबाजार के समक्ष परिवाद दायर कर न्याय की गुहार लगाई है।
कीमती मोबाइल ले जाकर धोखाधड़ी और चेक बाउंस का मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बजरंग चौक बलौदाबाजार स्थित ‘वलेचा मार्केटिंग’ (मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक दुकान) के संचालक व्यापारी राजकुमार वलेचा (45 वर्ष) पिता गुरूदिनोमल वलेचा ने भाटापारा निवासी आरोपी निर्माण उर्फ नीर किंगरानी पिता कमल किंगरानी के खिलाफ कोर्ट में परिवाद (आवेदन पत्र अंतर्गत धारा 175 भा.ना.सु.सं.) प्रस्तुत किया है।
मामले के अनुसार, आरोपी नीर किंगरानी दुकान से 7 नग प्रीमियम मोबाइल फोन केवल देखने और पसंद करने के बहाने ले गया, लेकिन उसके बाद न तो मोबाइल वापस किए और न ही राशि का भुगतान किया। जब व्यापारी ने लगातार तकादा किया, तो आरोपी ने कोई चेक स्वयं न देकर चालाकीपूर्वक व्यापारी के खाते में जयपुर से एक चेक लगवा दिया, जो बाद में बाउंस हो गया। चेक बाउंस होने के कारण उल्टा व्यापारी के बैंक खाते से पेनल्टी की राशि भी कट गई।
*बच्चों के अपहरण और जान से मारने की खौफनाक धमकी*
व्यापारी का आरोप है कि जब उसने अपनी बकाया राशि मांगी, तो आरोपी साफ मुकर गया और गाली-गलौज करने लगा। बीते 21 अप्रैल 2026 को आरोपी नीर किंगरानी ने व्यापारी को व्हाट्सएप कॉल कर बेहद अश्लील गालियां दीं तथा जान से मारने व बच्चों का अपहरण करवाने (उठवाने) की गंभीर धमकी दी।
प्रशासनिक तंत्र और सीएम पोर्टल की खुली पोल
व्यापारी ने इस पूरी घटना की लिखित शिकायत ऑडियो रिकॉर्डिंग की सीडी (CD) के साथ सिटी कोतवाली बलौदाबाजार, पुलिस अधीक्षक (एसपी) बलौदाबाजार, कलेक्टर बलौदाबाजार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपी थी। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘सीएम पोर्टल’ पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी न तो पुलिस हरकत में आई और न ही सीएम पोर्टल से कोई राहत मिली, जिससे नए पोर्टल की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
*आरोपी को बचा रही पुलिस*
पीड़ित व्यापारी ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस लगातार आरोपी का बचाव करती नजर आई। व्यापारी का कहना है कि पुलिस के एक अधिकारी ने तो बकायदा फोन करके उन्हें समझाइश दी कि आरोपी के पिता से उनके अच्छे संबंध हैं, इसलिए आरोपी को थोड़ा और समय दिया जाए। इस तरह की हीलाहवाली करके प्रकरण को उलझाया जाता रहा और आरोपी को कानूनी कार्रवाई से बचाया गया। पुलिस के इस संरक्षण से बेखौफ होकर आरोपी व्यापारी और उनके परिवार को लगातार जान से मारने व बच्चों का अपहरण करने की धमकी देता रहा। *न्यायालय से सख्त कार्रवाई की उम्मीद*
तमाम प्रशासनिक दरवाजों से खाली हाथ लौटने के बाद व्यापारी ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, बलौदाबाजार की अदालत में गुहार लगाई है। व्यापारी ने मांग की है कि आरोपी निर्माण उर्फ नीर किंगरानी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 296 एवं 351(3) के तहत अपराध दर्ज करने हेतु सिटी कोतवाली बलौदाबाजार को कड़े निर्देश जारी किए जाएं।






