

वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज गाजीपुर
गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ल ने सोमवार की शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिले में जमीनों की रजिस्ट्री, बाढ़ की स्थिति, चीनी-प्याज की उपलब्धता एवं जमाखोरी, सड़क-नाली निर्माण तथा अन्य विकास कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। डीएम ने स्पष्ट किया कि जमीनों की पारदर्शी रजिस्ट्री को लेकर पूर्व में जारी आदेश को प्रभारी मंत्री के निर्देश के क्रम में वापस ले लिया गया है। अब जिले में जमीनों की रजिस्ट्री पुराने नियमों के अनुसार ही होगी।
पुराने नियमों के तहत होगी जमीन की रजिस्ट्री
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ल ने बताया कि जमीनों की रजिस्ट्री को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पूर्व में जारी आदेश को प्रभारी मंत्री के निर्देश पर वापस ले लिया गया है। अब जनपद में जमीनों की रजिस्ट्री पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जाएगी।
हालांकि डीएम ने आम लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि जमीन का पट्टा या बैनामा कराने से पहले उसका अंश निर्धारण अवश्य करा लें, ताकि भविष्य में जमीन के स्वामित्व अथवा हिस्सेदारी को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन की नजर, बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी
डीएम ने बताया कि गाजीपुर में गंगा और उसकी सहयोगी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
उन्होंने बताया कि सभी तहसीलों में बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। आश्रय स्थलों, दवाओं, पशुओं के लिए भूसा-चारा तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को तैयार रखा गया है। पुलिस एवं प्रशासन की टीमें भी लगातार प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रख रही हैं।
बाढ़ से जुड़ी मौतों के संबंध में डीएम ने स्पष्ट किया कि तहसील क्षेत्र में भैंस चराने गए व्यक्ति की मौत को सीधे बाढ़ से हुई मौत बताया जाना सही नहीं है। उनके अनुसार, भैंस गहरे पानी में चली गई थी और उसे बचाने के प्रयास में व्यक्ति की मौत हुई।
डीएम ने बताया कि दोनों मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
नगदिलपुर मार्ग और पुलिया की समस्या का समाधान
कामाख्या धाम जाने वाले नगदिलपुर मार्ग के बाधित होने तथा एक पुलिया के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई। डीएम ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ब्रेकर बनाकर बाईपास की व्यवस्था भी की गई है, ताकि आवागमन प्रभावित न हो।
चीनी और प्याज की जमाखोरी पर प्रशासन सख्त
जिलाधिकारी ने जिले में चीनी और प्याज की उपलब्धता तथा इनके दामों को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 4,700 क्विंटल चीनी उपलब्ध है। बाजार में इसकी कीमत लगभग 62 से 64 रुपये प्रति किलो बताई गई।
इसी तरह जिले में करीब 2,700 क्विंटल प्याज उपलब्ध होने की जानकारी देते हुए डीएम ने बताया कि प्याज की कीमत लगभग 25 से 26 रुपये प्रति किलो है।
उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री अथवा चीनी-प्याज की जमाखोरी की शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अधिक कीमत वसूले जाने या जमाखोरी की शिकायत के लिए प्रशासन ने मोबाइल नंबर 9838072270 जारी किया है। डीएम ने उपभोक्ताओं से अपील की कि यदि कहीं निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूली जाती है तो तत्काल शिकायत करें।
1 अक्टूबर से शुरू होंगे सड़क और नाली निर्माण के कार्य
जिले में खराब सड़कों और जलनिकासी की समस्या को लेकर जिलाधिकारी ने विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि 1 अक्टूबर से सड़क निर्माण के कार्य शुरू कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम के कारण वर्तमान समय में बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण कराना संभव नहीं है। साथ ही पहले पीडब्ल्यूडी का वर्क ऑर्डर भी तैयार नहीं था। अब निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
नगर पालिका क्षेत्र में करीब 70 सड़कों के निर्माण को मंजूरी मिली है, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 13 करोड़ रुपये बताई गई है।
17 नालों के निर्माण को भी मिली मंजूरी
नगर पालिका गाजीपुर क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से 17 नालों के निर्माण को भी स्वीकृति मिलने की जानकारी डीएम ने दी।
इसके अलावा मोहम्मदाबाद नगरपालिका परिषद और सैदपुर नगर पंचायत क्षेत्र में भी सड़क एवं नाली निर्माण के विभिन्न कार्य कराए जाएंगे।
जिलाधिकारी के अनुसार इन विकास कार्यों को 1 अक्टूबर से शुरू कर 31 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विकास कार्यों की गुणवत्ता पर जनता भी रखे नजर
डीएम अनुपम शुक्ल ने जिले की जनता से विकास कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क, नाली अथवा किसी अन्य निर्माण कार्य में यदि गुणवत्ता में कमी दिखाई देती है तो इसकी शिकायत जिलाधिकारी कार्यालय अथवा संबंधित विभाग से की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ दंडात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, बाढ़ से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आवश्यक खाद्य पदार्थों की उपलब्धता बनाए रखने तथा विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने की है। उन्होंने आम जनता से प्रशासन का सहयोग करने और किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर तत्काल शिकायत करने की अपील की।



