

लखनऊ।
भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में जिला इकाइयों के पुनर्गठन को लेकर आंतरिक विरोध तेज हो गया है। पंचायत और विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारी के तहत पार्टी 98 संगठनात्मक जिलों में नई टीमें बना रही है, लेकिन कई जगह फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं।
लंबे समय बाद हुए इस बदलाव में नए चेहरों को अहम जिम्मेदारी दिए जाने पर कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई जिलों में कम अनुभव वाले नेताओं को महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद देने पर विरोध हुआ है, वहीं कुछ स्थानों पर आपराधिक छवि वाले लोगों को संगठन में जगह मिलने से असंतोष बढ़ा है।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई जिलों में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप इस्तीफे भी दे दिए हैं। इससे संगठन के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है और पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ गई है।
ब्रज, पश्चिम, अवध, कानपुर और काशी क्षेत्रों के 17 जिलों में अब तक सहमति नहीं बन पाई है, जबकि बाकी जिलों की टीमें घोषित हो चुकी हैं। पार्टी अब हालात को संभालने के लिए समीक्षा और डैमेज कंट्रोल की रणनीति पर काम कर रही है।
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