
*सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने पूर्व स्पष्टता:पेंशनर की राहत में उछाल की मांग; बड़ी संख्या में दक्षिणी तटवार*
नीमच I संयुक्त विभाग पेंशनर संघ के सदस्य मंगलवार को पंजीकृत कार्यालय क्षेत्र। जहां वे अपनी दादी को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नाम कलेक्टर प्रतिनिधि डिप्टी रजिस्ट्रार रश्मिश्री को बताया गया है। संघ ने मांग की है कि सभी पेंशनभोगियों की शेष राहत में बढ़ोतरी की जाए। सरकार मध्य प्रदेश राज्य नवीकरण आयोग 2000 की धारा 49/6 की स्थिति लेकर सभी पेंशनभोगियों को राष्ट्रीय राहत नहीं दी जा रही है।
पेंशनरों का कहना है कि इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार से सहमति की आवश्यकता नहीं है। मध्य प्रदेश सरकार अपने स्तर पर ही राहत प्रदान कर सकती है। मगर शासन सरकार ने इसे बंद कर दिया है और पेंशनरों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस संबंध में कई बार शासन प्रशासन को सेवानिवृति कर्मचारी अधिकारी पूर्वाभास दिया जाता है। लेकिन अब तक उनकी साझीदारी नहीं हो पा रही है।
पेंशनभोगियों ने इस संबंध में पहले इंदौर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, न्यायालय ने पेंशनभोगियों के पक्ष में निर्णय तय किया। इसके अलावा पेंशनरों की अनदेखी की जा रही है। पेंशनरों का कहना है कि चार दिन में अगर उनकी जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया तो वह कोर्ट में अब अपराध का मामला दर्ज करवा देंगे।
वेतन वृद्धि और अन्य कार्य का स्थिरांक की मांग
इधर, रजिस्ट्रार कार्यालय में मप्र आजाद पुलिसकर्मी कर्मचारी संघ भोपाल जिला इकाई नीमच के झंडे बड़ी संख्या में कोटवार सभा। यहां उन्होंने नामांकन करते हुए एक नामांकन के नाम पर नामांकन किया। कोटवारों ने वेतन वृद्धि एवं अन्य कार्यों के लिए कोटवारों से आवेदन मांगा। कोटवारों का कहना है कि न्यूनतम वेतन वृद्धि करने का ऑर्डर छिन्द, अनुपपुर, गुना, दतिया आदि जिलों में दिया गया है। लेकिन नीमच जिले में आज तक वेतन वृद्धि नहीं हुई है।
वहीं, शहरी क्षेत्र के कोटवारों का वेतन समय पर भुगतान नहीं किया जाता है। हर माह 30 तारीख को समय पर कोटवारों का वेतन भुगतान किया जायेगा। उनका कहना है कि कोटवारों को भृत्य का कार्य सौंपा जाता है तथा कार्य नहीं करने पर बिना कारण बताए नोटिस दिया जाता है। कोटवारों से डाक का काम भी करवाया जाता है। जिसके अलग से कोई पैसा नहीं दिया जाता है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है। कोटवारों ने नीमच जिले की समस्त भूमिहीन कोटवारों की मासिक पारिश्रमिक में अप्रैल माह से 500 रुपये की वृद्धि की जाये। कोटवारों से मेल के काम करने पर अन्य से शुल्क दिया जाए।

