लखीमपुर खीरीA2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेउत्तर प्रदेशताज़ा खबर

दहशत: दुधवा टाइगर रिजर्व के बफरजोन में मवेशी चराने गए ग्रामीण को बाघ ने मार डाला, मिला क्षत-विक्षत शव

दहशत: दुधवा टाइगर रिजर्व के बफरजोन में मवेशी चराने गए ग्रामीण को बाघ ने मार डाला, मिला क्षत-विक्षत शव

बंदे भारत लाइव न्यूज़ टीवी
जिला प्रमुख की खास रिपोर्ट
राहुल मिश्रा लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश

दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन में परवस्तनगर गांव से जंगल में मवेशी चराने गए ग्रामीण को बाघ ने मार डाला। बफरजोन के उपनिदेशक सुंदरेशा का कहना है कि मैलानी रेंज की ग्रंट नंबर तीन बीट में बाघ के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई है। मामले की जांच कराई जा रही है। बाघ की निगरानी बढ़ा दी गई है।

Tiger killed a villager who went to buffer zone of Dudhwa Tiger Reserve
घटनास्थल पर मौजूद वन विभाग के कर्मचारी – फोटो :

विस्तार

लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज में जंगल के अंदर गाय चराने गए एक ग्रामीण को बाघ ने मार डाला। शुक्रवार से लापता ग्रामीण का शव शनिवार सुबह जंगल से बरामद हुआ है। बाघ ने उसके शरीर का आधा हिस्सा खा लिया है। वन विभाग ने बाघ द्वारा ग्रामीण को मारे जाने की पुष्टि की है।

दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज की ग्रंट नंबर तीन बीट जंगल से सटे परवस्त नगर गांव निवासी 55 वर्षीय शराफत अली शुक्रवार दोपहर बाद घर से अपनी गाय चराने के लिए जंगल में गया था। देर शाम तक वापस न लौटने पर घर वालों को उसकी चिंता हुई और तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका।

शनिवार सुबह परिजन अन्य ग्रामीणों के साथ जंगल में उसकी तलाश करने पहुंचे तो देखा उल्ल नदी के किनारे एक बाघ अपने शिकार को खा रहा था। ग्रामीणों के शोर मचाने के बाद बाघ उसे छोड़कर जंगल में चला गया। पास जाकर ग्रामीणों ने देखा तो वह शराफत अली का शव था। बाघ उसके शरीर का आधा हिस्सा खा गया था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पाकर रेंजर मैलानी केपी सिंह के नेतृत्व में पहुंची वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस की मदद से शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। वहीं वन विभाग ने बाघ की निगरानी बढ़ा दी है।

 

चार माह बाद एक बार फिर ग्रामीणों में दहशत

मैलानी रेंज में किसी बाघ के हमले में ग्रामीण के मारे जाने की यह घटना करीब चार माह बाद हुई है। इससे पहले मैलानी रेंज में बाघ के हमलों मे कमी आई थी, जिससे वन विभाग ही नहीं जंगल के आसपास रहने वाले लोग राहत महसूस कर रहे थे। बाघ हमले में ग्रामीण की मौत से एक बार फिर ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग की टीम ने बाघ की निगरानी शुरू कर दी है। साथ ही ग्रामीणों को जंगल के अंदर न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी है।

खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
 
Back to top button
error: Content is protected !!