
शरद पूर्णिमा पर निर्गुण दरबार में हुई अमृत वर्षा: भक्तों ने पाया दिव्य आशीर्वाद
रिपोर्टर/राजेश कुमार

मंडावर: शरद पूर्णिमा के अवसर पर मंडावर स्थित श्री 1008 सिद्ध सम्राट श्री निर्गुण महाराज मंदिर पर बुधवार को शरद पूर्णिमा महोत्सव बडी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर निर्गुण दरबार मंदिर में महंत रामप्रवेशदास शास्त्री द्वारा विशेष पूजा अर्चना की गई। इसके उपरांत भक्तो को अमृतमयी खीर प्रसादी का भी वितरण किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, निर्गुण महाराज मंदिर के तिरोभाव उत्सव एवं शरदोत्सव के उपलक्ष्य में महंत रामप्रवेशदास शास्त्री ने बुधवार को शरद पूर्णिमा के अवसर पर सुबह करीबन 11:15 बजे ध्वज पूजन के बाद मंदिर परिसर की परिक्रमा की। इसके बाद मंदिर के चारों ओर विशेष ध्वजारोहण किया गया। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति में वहाँ विराजित समस्त संत महात्माओं सहित विशेष रूप से निर्गुण महाराज की चरण पादुकाओं की पूजा अर्चना की गई।
इस अवसर निर्गुण मंदिर दरबार पर पधारे समस्त भक्तों के लिए विशेष रूप से आयोजित भंडारे में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी भक्तों को पंगत में बैठाकर प्रसादी दी गई। महंत रामप्रवेशदास महाराज ने रात्रि आठ बजे से लेकर मध्यरात्रि तक निर्गुण महाराज की अमर कथा का अपने मुखारविंद से विस्तार से वर्णन किया।
*शरद पूर्णिमा पर अमृतमयी खीर प्रसादी का विशेष महत्व*
शरद पूर्णिमा को रात्रि 12 बजे, चांदनी रात में मिट्टी के बर्तनों में खीर बनाकर रखी गई। विशेष रूप से माना जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात्रि मे चंद्रमा की अमृतमयी किरणें खीर में समाहित होती हैं, जिसके बाद यह खीर अमृतमयी प्रसाद के रूप में भक्तों को वितरित की जाती है। इस वर्ष भी सैकडों भक्तों ने इस अमृतमयी खीर का आशीर्वाद पाया।
*विशेष सजावट और भक्तों की आस्था*
शरद पूर्णिमा महोत्सव के दौरान इस बार भी मंदिर परिसर को भक्तो के द्वारा विशेष रूप से रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया, जिससे वातावरण पूर्णरुपेण भक्तिमय हो गया। यहाँ दूर-दराज से आए भक्तों ने निर्गुण महाराज के चरणों में अपनी आस्था प्रकट की और महोत्सव को धूमधाम से मनाने के लिए अपना अपना विशेष योगदान दिया।
मंदिर परिसर में हर साल की तरह, इस साल भी शरद पूर्णिमा के अवसर पर निर्गुण महाराज की अमर कथा और खीर प्रसादी ने भक्तों के दिलों में विशेष भक्ति और गहरी आस्था का संचार किया।








