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कोलिहा में विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा का ऐतिहासिक स्वागत, गूंजा “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश


बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ की पावन धरती एक बार फिर सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक जागरण और भाईचारे के विराट संगम की साक्षी बनी, जब ग्राम कोलिहा में विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा का भव्य स्वागत किया गया। छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री एवं आरंग विधायक, साथ ही सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में निकली यह पदयात्रा रायपुर से प्रारंभ होकर ग्रामीण अंचलों से गुजरते हुए पवित्र गिरौदपुरी धाम की ओर अग्रसर है।
ग्राम कोलिहा पहुंचने पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी, पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ पदयात्रा का अभिनंदन किया। “बोल रहा अब हिंदुस्तान – मनखे मनखे एक समान” और “जय जय सतनाम, जय जय श्रीराम” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। महिलाओं ने आरती उतारकर धर्मगुरु का स्वागत किया तो युवाओं ने ढोल-नगाड़ों और पंथी नृत्य के माध्यम से उत्सव का रंग और गहरा कर दिया।
पलारी से आरंभ, गांव-गांव में उमड़ा जनसैलाब
पदयात्रा के चतुर्थ दिवस की शुरुआत पलारी स्थित सतनाम भवन से हुई, जहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद यात्रा अमेरा, कंजी और डोटोपार लाहौद होते हुए आगे बढ़ी। रास्ते भर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। समाजजनों का उत्साह देखते ही बन रहा था—मानो यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का जनांदोलन बन चुकी हो।
धर्मगुरु गुरु खुशवंत साहेब ने चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा किसी प्रचार या राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज के नैतिक उत्थान और आत्मिक जागरण के लिए है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “युवा हमारे भविष्य हैं। हर सकारात्मक कार्य में उनकी भागीदारी अनिवार्य है। समाज को नई दिशा देने की शक्ति युवाओं में ही निहित है।”
गुरु घासीदास बाबा के संदेश से जुड़ी यात्रा की आत्मा
इस पदयात्रा की मूल भावना संत शिरोमणि गुरु घासीदास के अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” से प्रेरित है। समानता, भाईचारा और भेदभाव-मुक्त समाज की परिकल्पना ही इस यात्रा की धड़कन बनी हुई है। धर्मगुरु ने अपने संबोधन में कहा कि यह केवल पैदल चलने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि “हृदय से हृदय को जोड़ने का अभियान” है—एक ऐसा प्रयास जो समाज को विभाजन नहीं, बल्कि समरसता की डोर में बांधने का संदेश देता है।
सामाजिक समरसता का उत्सव बना आयोजन
गौरतलब है कि गुरु खुशवंत साहेब जहां एक ओर राज्य शासन में कैबिनेट मंत्री के रूप में दायित्व निभा रहे हैं, वहीं धर्मगुरु के रूप में समाज का मार्गदर्शन भी कर रहे हैं। इस पदयात्रा में उन्होंने अपने धार्मिक कर्तव्यों को प्राथमिकता देते हुए समाज को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया है।
स्वागत के दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अभिषेक तिवारी ने कहा कि यह सद्भाव पदयात्रा संपूर्ण मानव समाज को एक माला में पिरोने का संदेश देती है और गिरौदपुरी धाम तक पहुंचकर समरसता की मिसाल कायम करेगी। कार्यकर्ताओं ने कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब को रामनामी अंगवस्त्र पहनाकर एवं प्रभु श्रीराम की प्रतिमा भेंटकर अभिनंदन किया।
हर गांव में उमड़ा उत्साह
ग्राम संडी में बजरंग दल जिला सहसंयोजक दीपक साहू तथा घोटिया में विहिप जिला उपाध्यक्ष बिसौहाराम वर्मा के नेतृत्व में पदयात्रा का भव्य स्वागत किया गया। कोलिहा से लेकर अन्य ग्रामों तक, सैकड़ों कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप दे दिया।
यह पदयात्रा केवल एक मार्ग नहीं तय कर रही, बल्कि दिलों के बीच की दूरियों को मिटा रही है। समानता, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का यह संदेश जब गिरौदपुरी धाम पहुंचेगा, तब वह केवल एक पड़ाव नहीं होगा—वह एक विचार की विजय होगी, जो कहता है—
“मनखे-मनखे एक समान

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