
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट
बलिया (उत्तर प्रदेश):
जनपद बलिया से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक महिला को उसके पति ने कथित तौर पर घर से बेघर कर दिया। पीड़ित महिला अपने बेटे के साथ न्याय की गुहार लगाते हुए जिलाधिकारी (डीएम) के दरबार में पहुंची, लेकिन डीएम के स्पष्ट आदेश के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है।
मामला चितबड़ागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस चौकी नगपुरा के कझारी गांव का बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि महिला को उसके पति ने मारपीट और मानसिक उत्पीड़न के बाद घर से निकाल दिया। इसके बाद मां और बेटा दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
पीड़ित बेटे ने अपने पिता के साथ-साथ वर्तमान ग्राम प्रधान पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि ग्राम प्रधान दबाव बनाकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं और पुलिस भी प्रभावशाली लोगों के दबाव में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है।
पीड़ित परिवार का दावा है कि जिलाधिकारी द्वारा दिए गए स्पष्ट आदेश के बावजूद चितबड़ागांव थाना पुलिस ने मामले में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। इतना ही नहीं, पुलिस पर अपने उच्च अधिकारियों को गलत एवं फर्जी रिपोर्ट भेजने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा, नगपुरा पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही संदीप पर पीड़ित परिवार से अभद्र व्यवहार करने का आरोप भी सामने आया है। पीड़ितों का कहना है कि न्याय मांगने पर उन्हें धमकाया गया और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया।
पीड़ित महिला और उसके बेटे ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
फिलहाल, यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सबकी निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि पीड़ित परिवार को कब और कैसे न्याय मिल पाता है।




