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गाजीपुर/लखनऊ:
देश के विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े और कमजोर वर्ग के छात्रों के साथ हो रहे जातीय भेदभाव एवं उत्पीड़न को रोकने के उद्देश्य से यूजीसी समता बिल 2026 के समर्थन में 26 फरवरी 2026, गुरुवार को सुबह 11 बजे से देशभर के जिला मुख्यालयों पर पैदल मार्च का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम अपनी जनता पार्टी (AJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष Swami Prasad Maurya के निर्देशानुसार आयोजित किया जा रहा है।
इस संबंध में पार्टी के मीडिया सेल द्वारा जारी अपील में कहा गया है कि देश के सभी सम्मानित कार्यकर्ता, पदाधिकारी, समर्थक, छात्र संगठन एवं सामाजिक कार्यकर्ता अपने-अपने जनपद मुख्यालय पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस शांतिपूर्ण पैदल मार्च को सफल बनाएं। मार्च के उपरांत जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
शिक्षा संस्थानों में बढ़ते भेदभाव पर गहरी चिंता
पार्टी नेतृत्व ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में देश के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों से जातीय भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और सामाजिक बहिष्कार की लगातार घटनाएं सामने आई हैं, जिससे छात्रों का मनोबल टूट रहा है। कई मामलों में यह उत्पीड़न छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेलने का कारण भी बन रहा है। ऐसे में यूजीसी समता बिल 2026 के माध्यम से एक ठोस, प्रभावी और संवेदनशील कानून की आवश्यकता महसूस की जा रही है, जिससे सभी वर्गों के छात्रों को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
क्या है यूजीसी समता बिल 2026
यूजीसी समता बिल 2026 का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता, सामाजिक न्याय और गरिमा की रक्षा करना है। इसके तहत भेदभाव रोकने के लिए सख्त प्रावधान, शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करना, पीड़ित छात्रों के लिए त्वरित न्याय सुनिश्चित करना तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान शामिल है। पार्टी का मानना है कि इस कानून के लागू होने से शिक्षा संस्थानों में सकारात्मक, सुरक्षित और समावेशी वातावरण का निर्माण होगा।
कार्यकर्ताओं में उत्साह, व्यापक जनसमर्थन की उम्मीद
कार्यक्रम को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। विभिन्न जिलों में बैठकें कर लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की जा रही है। छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों ने भी इस पहल का समर्थन किया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह पैदल मार्च केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अधिकारों की लड़ाई है, जिसमें हर जागरूक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
शांतिपूर्ण और अनुशासित आयोजन की अपील
आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों से शांतिपूर्ण, अनुशासित और मर्यादित ढंग से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। साथ ही प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा गया है कि यह आयोजन पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहेगा।
अंत में पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि यूजीसी समता बिल 2026 के समर्थन में यह राष्ट्रव्यापी अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक छात्रों को शिक्षा संस्थानों में पूर्ण समानता, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित नहीं हो जाता।
निवेदन — जितेन्द्र सिंह कुशवाहा ✍️
जिला उपाध्यक्ष, अपनी जनता पार्टी
🛺 गाजीपुर, उत्तर प्रदेश, भारत
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