
31 अक्टूबर को दीपावली पर करें लक्ष्मी गणेश का पूजन मनायें धूमधाम से दीपावली – महंथ सुमन बाबा

आरा/गडहनी। दीपावली को लेकर लोगो मे फैले भ्रम एवं असमंजस को दुर करते हुए ज्योतिष अनुसंधान केंद्र महाबीर मंदिर रमना आरा के संस्थापक महंत सुमन बाबा एवं संस्कृताचार्य सेवा निवृत्त प्रधानाध्यापक सोमेश्वर नाथ पाण्डेय हदियाबाद गडहनी ने कहा कि अमावस्या 31 तारीख को दिन मे 3 बजकर 11 मिनट से आरम्भ होकर 1 नवम्बर को साम मे 5 बजकर 12 मिनट तक है।चूकि दीपावली आमावस्या के मध्य रात्रि को मनाने का विधान हमारे धर्म शास्त्र में वर्णित है।इसलिए 31 तारीख को ही दिपावली मनायी जायेगी। 1 नवम्बर को रात्रि मे अमावस्या नही रहने के कारण उस दिन दीपावली पूजन नही होगा।वहीं उन्होंने स्पष्ट किया कि 29 को धनतेरस मनाया जायेगा।दिपावली में स्थिर लग्न का भी विशेष महत्व होता है जो 31 तारीख को आमावस्या वेला में 4:32 से शाम 6:11 तक मेष लग्न, 6:12 से 8:8 तक वृष लग्न, रात 10:21 से 12:39 तक कर्क लग्र, 12:39 से 2:53 तक सिंह लग्न है।इसमें सबसे उत्तम सिंह लग्न है।दीपावली में मां लक्ष्मी कि विशेष पूजन के साथ कुबेर और हनुमान जी कि पूजन का विशेष विधान है।इस पूजन में शंख बजाना वर्जित है।वहीं मां लक्ष्मी को कमल पुष्प अर्पित करने का विशेष महत्व भी है।





